रायपुर : श्रावण मास के पावन अवसर पर राजधानी सहित सभी जगह भगवान शिव का जलाभिषेक कांवड़ियों द्वारा किया जा रहा है, इसी के अंतर्गत रायपुर में रविवार को भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई है। न्यू राजेंद्र नगर स्थित सीए अमित चिमनानी के निवास से शुरू हुई यह यात्रा मोतीबाग चौक स्थित बाबा श्री वैद्यनाथ धाम पहुंची। यात्रा में भाजपा संगठन महामंत्री पवन साय, संत श्री राजीव लोचन महाराज, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुये, जिन्होंने कांवड़ उठाई हुई थी।
इस भव्य कांवड़ यात्रा में बच्चों से लेकर महिलाओं और बुजुर्गों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यात्रा के दौरान भगवान शिव और नंदी की झांकियां तथा भव्य शिवलिंग श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। जगह-जगह स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा और आतिशबाजी के साथ कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया गया। यात्रा में श्रद्धालु देश और छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियों का पवित्र जल कांवड़ में लेकर पहुंचे। इस जल से बाबा महाकाल का विधिवत अभिषेक किया गया।
सात नदियों के पवित्र जल से महाकाल का अभिषेक :
इस कांवड़ यात्रा के आयोजक एवं यात्रा के नेतृत्वकर्ता अमित चिमनानी ने बताया कि श्रद्धालुओं ने मां गंगा के हर की पौड़ी, मां नर्मदा के ग्वारीघाट जबलपुर, मां अरपा के बिलासपुर घाट, मां खारुन के महादेव घाट, राजिम त्रिवेणी संगम, मां महानदी, मां पैरी और मां सोंढूर का पवित्र जल एकत्रित किया गया। वहीँ यात्रा की शुरुआत कांवड़ पूजन से हुई। इसके बाद महाकाल की आरती कर श्रद्धालु कांवड़ लेकर यात्रा पर निकले। बाबा श्री वैद्यनाथ धाम पहुंचने के बाद विधि-विधान से जलाभिषेक किया गया और छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की गई।
बड़ी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु :
इस भव्य कांवड़ यात्रा के आयोजन में भाजपा संगठन महामंत्री पवन साय, संत श्री राजीव लोचन महाराज, विधायक पुरंदर मिश्रा, भाजपा नेता संजय श्रीवास्तव, केदार गुप्ता, अमरजीत छाबड़ा, नेहरू निषाद, छगन मूंदड़ा, किरण बघेल, उज्ज्वल दीपक, राजीव चक्रवर्ती, सुनील चौधरी, विश्वदिनी पांडेय और निशिकांत पांडेय, छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के प्रदेश अध्यक्ष महेश दरयानी, चैंबर के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन, कैट के प्रदेश महामंत्री अवनीत सिंह, समाजसेवी मुखी मन्नूमल पृथवानी, भारतीय सिंधु सभा के प्रदेश अध्यक्ष लधाराम नैनवानी सहित समाज के अनेक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में मौजूद रहे।



