बिजली बिल में हुई बड़ी बढ़ोत्तरी, विभाग ने अब बढ़ाया ये शुल्क….।

रायपुर : बिजली बिल में वृद्धि के बाद उपभोक्ताओं के जेब पर बड़ा भार पड़ा है, वहीँ अब प्रदेशभर के 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को अगस्त के बिजली बिल में डबल झटका लगेगा। सितंबर में जो अगस्त का बिजली बिल आएगा उसमें डबल एफपीपीएएस शुल्क लगेगा। एक तो बीते माह का बचा हुआ 8 फीसदी और नए शुल्क का पांच फीसदी कुल मिलाकर 13 फीसदी शुल्क लगेगा। अगस्त का शुल्क वैसे तो 16 फीसदी तय हुआ है, लेकिन इस माह पांच फीसदी लेकर बचा 11 फीसदी शुल्क अगले माह वसूला जायेगा। ऐसे में अगले माह भी डबल झटका लगेगा। इससे उपभोक्ताओं की जेब पर भार बढ़ेगा।

अभी कुछ माह तक डबल झटका ही लगने वाला है। बिजली में हर माह अब एफपीपीएएस शुल्क तय होने के कारण हर माह बिजली के दाम बदल जाते हैं। इस साल के पहले माह जनवरी में जो दिसंबर का बिल आया था। उसमें 13.64 फीसदी एफपीपीएएस शुल्क लिया गया। इसमें जहां 5.43 फीसदी पुराना शुल्क था, वहीं दिसंबर का 8.21 फीसदी शुल्क शामिल था। 

अप्रैल के बिल में लगेगा केवल 4.24 फीसदी चार्ज :

वहीँ आपको बता दें कि दिसंबर में एफपीपीएएस शुल्क 16.42 फीसदी तय हुआ था। इसमें से आधा दिसंबर के बिल के साथ लिया गया। इसके बाद बचा आधा 8.21 फीसदी शुल्क जनवरी के बिल में लिया गया। फरवरी में जब जनवरी का बिल आया तो उसमें पुराना 8.21 फीसदी शुल्क और जनवरी का नया शुल्क 4.14 फीसदी भी लिया गया। ऐसे में इस माह भी डबल झटका लगा था। लेकिन मार्च में जब फरवरी का बिल आया तो इसमें एफपीपीएएस शुल्क 5.91 फीसदी लगा। इसके बाद अप्रैल में मार्च का बिल आया तो इसमें एफपीपीएएस शुल्क और कम होकर 424 फीसदी लगा। 

सितंबर के बिल में लगेगा 13% एफपीपीएएस शुल्क :

आपको बता दें कि मई में जब अप्रैल का बिल आया था इसमें 3.98 फीसदी एफपीपीएएस शुल्क लगा था। जून में जब मई का बिल आया तो इसमें करीब 9.13 फीसदी शुल्क लगा। इसके बाद जुलाई में जब जून का बिल आया तो इसमें शुल्क 11.33 फीसदी लगा। इसके बाद अगस्त में जब जुलाई का बिल आया तो इसमें दस फीसदी शुल्क लिया गया। इस माह 18 फीसदी शुल्क तय हुआ था, लेकिन जुलाई में टैरिफ में भी इजाफा होने के कारण 18 के स्थान पर 10 फीसदी की वसूली करके 8 फीसदी को बचाया गया था। अब सितंबर में जो अगस्त का बिल आएगा, पुराना 8 फीसदी और नया पांच फीसदी शुल्क लिया जाएगा। 

शुल्क बढ़ने का कारण ज्यादा बिजली खरीदी :

बीते तीन माह से एफपीपीएएस शुल्क के बढ़ने का कारण पॉवर कंपनी के अधिकारी यह बता रहे हैं कि गर्मी की वजह से इस बार बाहर से ज्यादा बिजली खरीदी गई है। बीते करीब दो माह से तो कोरबा के 210 मेगावाट के दो संयंत्र भी लगातार बंद रहे हैं। इस समय भी एक 210 मेगावाट का संयंत्र बंद है। ऐसे में बाहर से ज्यादा बिजली लेनी पड़ रही है। जहाँ राज्य पहले बिक्री की बिक्री करता था, वहीँ अब बिजली लेने की जरूरत पड़ रही है।