सीएम हाउस के बाहर युवक ने काटा बवाल, गाड़ियों में की तोड़फोड़, सिविल लाईन पुलिस ने हिरासत में लिया।

रायपुर : राजधानी के सर्वाधिक संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाले वीआईपी क्षेत्र, सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास (सीएम हाउस) के मुख्य गेट के बाहर मंगलवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक उपद्रवी युवक ने अचानक गाड़ियों पर हमला कर जमकर उत्पात मचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक ने अचानक उग्र रूप धारण करते हुए वहां खड़े शासकीय व अन्य वाहनों पर धावा बोल दिया और पत्थरों से गाड़ियों के शीशे चकनाचूर कर डाले। इस अप्रत्याशित हमले से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और कुछ समय के लिए वहां सामान्य आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया।

सुरक्षा कर्मियों से तीखी झूमाझटकी, कड़े संघर्ष के बाद दबोचा :

सीएम हाउस की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने युवक को तत्काल रोकने का प्रयास किया, किंतु वह लगातार आक्रामक होकर बवाल काटता रहा। इस दौरान युवक और सुरक्षा कर्मियों के बीच जोरदार झूमाझटकी और हाथापाई हुई। सुरक्षा बलों ने तत्परता दिखाते हुए काफी मशक्कत के बाद उपद्रवी को काबू में किया। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाईन थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया।

गोली चलने की अफवाह का खंडन, पुलिस ने दी सफाई :

घटना के दौरान वाहनों के शीशे टूटने की तेज आवाज और मची भगदड़ के चलते आसपास मौजूद लोगों में यह अफवाह फैल गई कि मौके पर फायरिंग हुई है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सिविल लाईन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देवांगन ने इस तरह की किसी भी गोलीबारी की बात से साफ इंकार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से गोली चलने या किसी हथियार के उपयोग का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि उपद्रव के दौरान आपातकालीन डायल 112 सेवा वाहन के शीशे बुरी तरह टूटे हैं।

सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस, दर्ज होगा मुकद्दमा :

सिविल लाईन पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूरे घटनाक्रम की गहनता से पड़ताल शुरू कर दी है। घटनास्थल तथा उसके आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि युवक के वहां पहुंचने के मार्ग और उसकी गतिविधियों के सभी साक्ष्य जुटाए जा सकें। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या युवक के पास कोई मोबाईल फोन था अथवा इस कृत्य के पीछे किसी अन्य की साजिश तो नहीं है। शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सुरक्षा व्यवस्था में व्यवधान डालने के आरोप में आरोपी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मुकद्दमा दर्ज करने की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

मानसिक स्वास्थ्य की जांच जारी, रिपोर्ट के बाद आगे का फैसला

प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी के हाव-भाव और बयान असामान्य पाए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रथम दृष्टया आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रहा है। उसकी वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए उसे मेडिकल जांच हेतु भेजा गया है। डॉक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी मानसिक दशा की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी, जिसके आधार पर ही आगे की कानूनी कार्यवाही की जायेगी और उसे न्यायालय में पेश किया जायेगा।