रायपुर : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने सूबेदार, उप निरीक्षक (SI) संवर्ग और प्लाटून कमांडर (मुख्य) परीक्षा-2024 को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है। यह बहुप्रतीक्षित मुख्य परीक्षा 2, 3 और 4 नवंबर 2026 को प्रदेश के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होने वाली थी। आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में स्थगन के पीछे कोई विस्तृत या स्पष्ट कारण सार्वजनिक करने से इंकार करते हुए केवल ‘अपरिहार्य कारणों’ का हवाला दिया गया है। अचानक हुए इस स्थगन से लंबे समय से तैयारी में जुटे प्रदेशभर के हजारों अभ्यर्थियों का इंतजार और बढ़ गया है।
नई परीक्षा तारीख की घोषणा पृथक से की जायेगी :
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्य परीक्षा का नवीन कार्यक्रम समीक्षा के उपरांत अलग से जारी किया जायेगा। फिलहाल आयोग प्रशासन ने परीक्षा की आगामी तिथियों को लेकर कोई निश्चित समय-सारणी साझा नहीं की है। ऐसे में मुख्य परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों को नई तारीखों के औपचारिक ऐलान तक प्रतीक्षा करनी होगी।
आधिकारिक ऑनलाईन पोर्टल पर निरंतर नज़र रखें अभ्यर्थी :
परीक्षा से जुड़े समस्त नवीनतम अद्यतन (अपडेट्स), संशोधित समय-सारणी एवं प्रवेश पत्र संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर ही उपलब्ध कराये जायेंगे। अभ्यर्थियों को हिदायत दी गई है कि वे किसी भी अनाधिकृत अथवा भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और प्रामाणिक जानकारी हेतु आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.psc.cg.gov.in का नियमित रूप से ऑनलाईन अवलोकन करते रहें। परीक्षार्थी किसी भी संशय या तकनीकी लाईन में आने वाली समस्या के समाधान हेतु हेल्पडेस्क से अपने मोबाईल अथवा दूरभाष पर संपर्क साध सकते हैं।
राज्योत्सव और सुरक्षा बंदोबस्त बन सकता है स्थगन का मुख्य आधार :
भले ही आयोग ने आधिकारिक स्तर पर किसी विशेष कारण का खुलासा करने से इंकार किया हो, किंतु प्रशासनिक हलकों में राज्योत्सव के साथ तिथियों का टकराव ही इस स्थगन की मूल वजह माना जा रहा है:
- आयोजन तिथियों का टकराव: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आगामी 1 से 3 नवंबर तक राज्योत्सव का भव्य आयोजन निर्धारित है, जबकि CGPSC द्वारा एसआई मुख्य परीक्षा 2 से 4 नवंबर तक आयोजित की जानी थी।
- सुरक्षा एवं पुलिस बल की भारी तैनाती: राज्योत्सव के दौरान राजधानी रायपुर सहित आसपास के पूरे क्षेत्र में वीआईपी गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विशाल जनसमूह की सुरक्षा हेतु पुलिस बल और प्रशासनिक अमले की व्यापक स्तर पर तैनाती अनिवार्य होती है।
- संसाधनों और पर्यवेक्षकों की कमी की आशंका: मुख्य परीक्षा के सफल एवं निष्पक्ष संचालन के लिए भी पुलिस अधिकारियों, कार्यपालिक दंडाधिकारियों और प्रशासनिक पर्यवेक्षकों की अग्रिम लाईन में ड्यूटी लगाई जाती है। दोनों आयोजनों के एक ही समय पड़ने से सुरक्षा व्यवस्था ठप्प होने तथा प्रशासनिक समन्वय में व्यवधान उत्पन्न होने की प्रबल आशंका थी।
इसी संभावित अव्यवस्था से बचने के उद्देश्य से शासन स्तर पर विमर्श के बाद परीक्षा को आगे बढ़ाने की प्रशासनिक कार्यवाही अमल में लाई गई प्रतीत होती है।
अभ्यर्थियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया :
सूबेदार और सब-इंस्पेक्टर भर्ती के विभिन्न चरणों को पार कर मुख्य परीक्षा की दहलीज तक पहुंचे अभ्यर्थियों में इस स्थगन को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ अभ्यर्थियों का मानना है कि इससे उन्हें पाठ्यक्रम के पुनरीक्षण के लिए अतिरिक्त समय मिल जायेगा, वहीं अधिकांश युवाओं का कहना है कि निरंतर आगे बढ़ती तिथियों से मानसिक दबाव बढ़ता है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, राज्योत्सव की समाप्ति तथा आगामी त्यौहारी सीजन के उपरांत नई तिथियों का निर्धारण कर संशोधित कार्यक्रम शीघ्र घोषित किया जायेगा।



