बिलासपुर : ईरान हमेशा भारत के विरुद्ध पाकिस्तान को मदद करता रहा है, जबकि इजराइल ने हमेशा भारत की मदद की है, वहीँ भारत सरकार इजराइल के पक्ष में खड़ी है, तो वही भारतीय मुस्लिम समाज ईरान के पक्ष में खड़ा है। ईधर ईरान के शीर्ष धार्मिक नेता अयातुल्ला खामनेई की मौत पर मिठाइयां बांटने और फेसबुक में आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर पुलिस ने हिंदूवादी नेता ठाकुर राम सिंह एवं अन्य लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। मामले में प्रार्थी जाकिर अली की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 299 के तहत एफआईआर कायम की गई है। यह मामला सरकंडा थाना क्षेत्र बिलासपुर का है।
खामनेई को लेकर फेसबुक की गई आपत्तिजनक टिप्पणी और मौत पर मिठाई बांटने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में मुस्लिम समाज के लोगों ने कड़ा विरोध जताते हुए बिलासपुर के ठाकुर राम सिंह के खिलाफ कार्यवाही की मांग की थी। जहाँ मामले को लेकर समाज के लोग बड़ी संख्या में सरकंडा थाना पहुंचे थे और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि ठाकुर राम सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी से धार्मिक भावनायें आहत हुई है और इससे प्रदेश की शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां बिलासपुर जैसे शांत शहर में हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच आपसी सौहार्द्र को बिगाड़ने की कोशिश है। समाज के लोगों का कहना है कि छत्तीसगढ़ हमेशा से आफ्सी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द्र के लिए जाना जाता रहा है, ऐसे में किसी भी व्यक्ति को सामाजिक और धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली टिप्पणी करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिये।
बताया था आतंकवाद की जड़ :
जानकारी के अनुसार ठाकुर राम सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ईरान के शीर्ष धार्मिक नेता अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। ख़ामनेई को आतंकवाद की जड़ बताते हुए मौत पर लड्डू बांटे गये थे। इस पोस्ट के सामने आने के बाद मुस्लिम समाज में नाराजगी बढ़ गई और लोग बड़ी संख्या में एकजुट होकर सरकंडा थाना पहुंचे। वहां समाज के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए राम सिंह ठाकुर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही करने की मांग की थी। मामले में बवाल के बाद एफआईआर दर्ज कर जांच में लिया गया है। वहीँ इस मामले में हिंदूवादी नेता ठाकुर राम ने कहा है कि क्या मुस्लिम समाज अपने देश के साथ नहीं है? उसे खामनेई से हमदर्दी है, जबकि भारत इजराइल के साथ खड़ा है तो मुस्लिम समाज को अपने देश के अनुसार नहीं चलना चाहिये?



