आसमान बरसा रहा आग के गोले, भीषण गर्मी का कहर जारी, अगले 5 दिनों तक राहत के आसार नहीं, बिलासपुर सबसे ज्यादा गर्म, रायपुर के हालात खराब।

रायपुर : कूलरों ने काम करना बंद कर दिया है, एसी बिजली की खपत ज्यादा करने लगे, छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी से लोग हलाकान हो रहे हैं। लगातार दूसरे दिन समूचा छत्तीसगढ़ तेज गर्मी की चपेट में रहा है, इसके साथ ही अगले पांच दिनों तक इससे राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। रायपुर, बिलासपुर समेत कई क्षेत्रों में मौसम विभाग ने हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी गई है। बस्तर में 26 मई से बारिश की गतिविधि शुरू होगी, लेकिन मध्य क्षेत्र में इसका प्रभाव 29 मई से नजर आने की संभावना है, तब तक प्रदेश भारी गर्मी से झुलसने के आसार हैं। मौसम के राडार पर बिलासपुर और रायपुर सबसे ज्यादा गर्मी झेलने वाले जिले है।

गर्मी का असर सुबह 10 बजे के बाद गहरा प्रभाव शुरू हो जाता है और 12 बजे के बाद लू का प्रभाव शुरू हो जाता है। जिसका असर शाम 5 बजे के बाद ही कम हो रहा है, मगर गर्मी से राहत सुबह बाद ही मिल पा रही है, और f इर सूरज का कहर शुरू हो जा रहा है, शुक्रवार को सबसे ज्यादा गर्म दुर्ग क्षेत्र रहा, यहां 44.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकपुर में 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है।

मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा ने बताया है कि एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण अंदरूनी उड़ीसा और उसके आसपास विस्तारित है. एक द्रोणिका उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश से अंदरुनी उड़ीसा छत्तीसगढ़ होते हुए 1.5 कम ऊंचाई तक विस्तारित है. वहीं एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान और उसके आसपास बना हुआ है। प्रदेश में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान में अगले तीन दिनों में दो डिग्री के आसपास वृद्धि होने की संभावना है, जो काफी हानिकारक हो सकती है। बस्तर संभाग में 26 मई से वर्षा का दौर प्रारंभ होने की संभावना है। मध्य क्षेत्र में 29 मई से वर्षा की गतिविधि प्रारंभ होने की सम्भावना बन रही है।

अलग-अलग शहरों के तापमान  :

  • दुर्ग में 44.8 डिग्री तापमान
  • रायपुर में 44.2 डिग्री तापमान 
  • बिलासपुर में 44 डिग्री तापमान 
  • अंबिकापुर में 41.3 डिग्री तापमान 
  • जगदलपुर में 42. 4 डिग्री तापमान