मोहर्रम के जुलूस में कार को क्रेन से लटकाकर किया धमाका, चार लोगों पर हुआ मामला दर्ज, विहिप ने कहा ‘यह धार्मिक आयोजन नहीं, आतंकी मानसिकता, देखें विडियो।

उज्जैन (म.प्र.) : देश में सांप्रदायिक सद्भाव लगातार बिगड़ रहा है कई बार हिन्दू पक्ष मुस्लिम पक्ष को दोष देता है तो मुस्लिम पक्ष भी हिन्दू पक्ष को दोष देता है, लेकिन उन्मादी अपने कृत्यों से बाज नहीं आते। ऐसे ही एक मामले में उज्जैन के पास बड़नगर में मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक वैन (टाटा मैजिक) में किए गए विस्फोट का वीडियो सामने आया है, जिसने फिर से सांप्रदायिक माहौल को खराब करने का प्रयास किया है। यह घटना 23 जून की रात की बताई जा रही है। बड़नगर के अडान मोहल्ले से निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।

इस दौरान जुलूस में एक वैन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाया गया। वैन पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहराते रहे। इसके बाद वैन में विस्फोट कर उसे उड़ा दिया गया। जिस वैन में धमाका किया गया, उस पर ‘ले फिर आ गए’ लिखा था। इसक अक्य मतलब है, कयास लगाये जा रहे है, वहीँ इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरि ने इस पर आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ऐसा लगता है जैसे संदेश दिया जा रहा हो कि “हम काफिरों की गाड़ियों को इसी तरह उड़ा देंगे।”

इधर, हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने भी बताया कि मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक बड़ी क्रेन पर एक वैन लटकाई गई थी, जिस पर कई आपत्तिजनक पोस्टर लगाये गये थे। उन्होंने कहा कि सकल हिंदू समाज की मांग है कि जिला प्रशासन स्पष्ट करे कि इस तरह की गतिविधि की अनुमति दी गई थी या नहीं। इस घटनाक्रम से जुड़े कई फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी अपलोड किये गये हैं। वें विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया और आरोप लगाया कि इसका मकसद धर्म के नाम पर डर पैदा करना और शक्ति का प्रदर्शन करना था, इसे उन्होंने आतंकी मानसिकता बताया है।

मामले के अनुसार बड़नगर में मोहर्रम जुलूस में धार्मिक आयोजन के नाम पर हाई-वोल्टेज स्टंट किया गया। अड़ान मोहल्ले से निकले जुलूस में एक कार को क्रेन से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाकर उसके ऊपर युवकों ने लाल झंडे लहराए और बाद में वाहन में धमाके जैसा प्रदर्शन किया। नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ मौजूद थी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आयोजकों, प्रदर्शन करने वालों और क्रेन उपलब्ध कराने वाले के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है।

23 जून की रात बड़नगर के अड़ान मोहल्ले से निकले मोहर्रम जुलूस में ऐसा दृश्य सामने आया जिसने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिये है। इस वायरल वीडियो में चार पहिया वाहन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई तक हवा में लटकाया गया। वाहन की छत पर दो युवक लाल झंडे लहराते दिखाई दिए, जबकि नीचे सैकड़ों लोग तमाशा देख रहे थे। कुछ देर बाद वाहन के भीतर तेज धमाके जैसा दृश्य सामने आया, जिससे मौके पर मौजूद लोग भी चौंक गये। अब इस घटना ने विवाद का रूप ले लिया है।

‘ले फिर आ गए’ लिखी गाड़ी बनी प्रदर्शन का केंद्र :

वीडियो में जिस कार का उपयोग किया गया, उस पर बड़े अक्षरों में ‘ले फिर आ गए’ लिखा हुआ दिखाई दे रहा है। दोनों युवकों ने चेहरे कपड़े से ढंक रखे थे। पूरे प्रदर्शन के दौरान वाहन हवा में झूलता रहा। यदि क्रेन में तकनीकी खराबी आती या वाहन का संतुलन बिगड़ता तो भीड़ के बीच बड़ा हादसा हो सकता था।

अनुमति जुलूस की थी, खतरनाक करतब और विस्फोट की नहीं :

पुलिस के अनुसार मोहर्रम जुलूस निकालने की वैधानिक अनुमति दी थी, लेकिन वाहन को हवा में लटकाकर प्रदर्शन करने या विस्फोटक प्रदर्शन की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। प्रशासन का मानना है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में इस तरह का आयोजन सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा था। एएसपी ग्रामीण करनदीप सिंह के अनुसार मामले में आयोजक शोएब खान, वाहन पर प्रदर्शन करने वाले तालीम उर्फ तपसील खान और जाहिद खान तथा क्रेन उपलब्ध कराने वाले गोपाल माली सहित चार लोगों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक शोएब, जाहिद और तपसील उर्फ तस्लीम को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस की जांच में सामने आई धमाके की वजह :

इस मामले में पुलिस का कहना है कि वाहन में उपयोग किए गए पटाखा रॉकेट एक साथ छोड़े गए थे। वाहन के कांच बंद होने के कारण भीतर गैस का दबाव बढ़ गया और बाद में कांच टूटने के साथ वह दबाव बाहर निकला। इसी कारण वीडियो में विस्फोट जैसा दृश्य दिखाई दे रहा है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति इस तरह का प्रदर्शन कानून का उल्लंघन है और इसमें जनहानि की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। वहीँ इस मामले में रितेश माहेश्वरी ने कहा है कि यह उकसाने वाला कृत्य था।