रायपुर : रायपुर के माना क्षेत्र के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए आज (सोमवार) सुबह 80 घर तोड़ दिये गये, जिसमें प्रधानमंत्री और इंदिरा आवास के 32 घर भी शामिल हैं। प्रशासन ने रविवार देर रात से ही यहां 1000 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात कर दिये थे। सुबह जैसे ही टीम जेसीबी लेकर पहुंची, तो लोग मशीनों के सामने खड़े हो गये, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच भारी धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ। इस पूरी कार्यवाही के बीच एक बच्ची ने रोते हुए बताया कि उसने सुबह से कुछ नहीं खाया है, क्योंकि कार्यवाही के डर से घर पर खाना ही नहीं बन पाया था। भारी गर्मी में वो लोग काफी परेशान और दुखी रहे है, उपर से कभी भी बारिश का डर और सामानों के ख़राब होने की आशंका।
लोग बोले- झूठा आश्वासन मिला :
वहीं इसके विरोध में ग्रामीण धरने पर बैठए गए थे, उनमें इसलिए भी आक्रोश है क्योंकि दो दिन पहले ही सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा था कि बारिश के मौसम में किसी के मकान नहीं तोड़े जायेंगे, जिससे अब लोगों ने बृजमोहन अग्रवाल पर भी अपनी नाराजगी जताई है। जिनके मकान तोड़े गये वो दिनभर रोते बिलखते रहे है।
मकान के मलबे के पास बैठे रहे लोग :
सांसद के इस आश्वासन के बावजूद इस तोड़फोड़ से ग्रामीणों में गुस्सा है। कार्यवाही के दौरान मौके से ऐसी तस्वीरें सामने आईं जहां लोग घरों के सामने सामान निकाल कर बैठे दिखे, तो टूटे मकानों के मलबे पर एक बुजुर्ग मासूम को गोद में लेकर बेबस नजर आये। इधर, बढ़ते बवाल के बीच प्रशासन ने दावा किया है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की तैयारी शुरू कर दी गई है और उन्हें नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस (EWS) मकानों में बसाने के लिए आवंटन प्रक्रिया जारी है। जल्द ही सबको नये मकानों में बसाया जायेगा। ऐसे में उनके लिये और बड़ी मुसीबत खड़ी हो जायेगी। उन्हें रायपुर से उठाकर काफी दूर भेजा जा रहा है, जो बड़ा ही तकलीफ दायक है।



