13 साल कि बच्ची के साथ 4 दिनों तक 32 हैवानों ने की दरिंदगी, 12 आरोपी गिरफ्तार।

जैसलमेर (राजस्थान) : राजस्थान का जिला श्रीगंगानगर, जहां एक शर्मनाक और खौफनाक वारदात ने इंसानियत और कानून व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के बीच में चार दिनों में लगभग एक दर्जन लोगों ने एक 13 वर्षीय स्कूली छात्रा का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया है, जिससे व्यापक सार्वजनिक आक्रोश फैल गया। श्रीगंगानगर में कक्षा 8 की छात्रा के कथित यौन शोषण से जुड़े एक मामले में कई गिरफ्तारियां हुई हैं और व्यापक पुलिस जांच हुई है, शनिवार को मामला सामने आने के बाद नए विवरण सामने आ रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, 13 साल की पीड़ित बच्ची अपनी एक सहेली से मिलने श्रीविजयनगर गई हुई थी। परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द घर लौट आएगी, लेकिन अचानक घरवालों से उसका संपर्क टूट गया। महिला उत्पीड़न मामले प्रकोष्ठ के प्रभारी आरपीएस कैलाशदान देथा और जांच अधिकारी ने बताया कि लड़की रात करीब 10:30 बजे श्रीगंगानगर पहुंची और उसने ई-रिक्शा चालक, जिसकी पहचान रामबाबू के रूप में हुई, से उसे घर छोड़ने को कहा।

पुलिस का आरोप है कि ड्राइवर उसे घर ले जाने के बजाय होटल जॉय इन में ले गया, लड़की उसके साथ ई रिक्शा में बैठ गई, उसे इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि अगले कुछ मिनटों में उसके साथ क्या होने वाला है। जांचकर्ताओं का दावा है कि बाद में उसे कई होटलों के बीच ले जाया गया और अगले दिनों में बार-बार यौन शोषण का शिकार होना पड़ा। एफआईआर और पुलिस के बयानों के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर होटल परिसर के माध्यम से शोषण को बढ़ावा दिया गया। जांचकर्ता उन आरोपों की भी जांच कर रहे हैं कि दुर्व्यवहार के दौरान नाबालिग को शराब दी गई थी। पुलिस ने बताया कि एक युवक ने कथित तौर पर लड़की को एक होटल से दूसरे होटल में पहुंचाया था। 5 दिनों में बच्ची के साथ 32 हैवानों ने दरिंदगी की है। इस मामले में हैवानियत कि हदें इस तरह से पार हुई है, कि खुलकर लिख पाना भी मुश्किल है।

आरोप है कि होटल मालिकों और मैनेजरों ने पांच दिनों के भीतर उस मासूम बच्ची को 30 से ज्यादा लोगों के सामने परोसा। आरोपों के मुताबिक, दिन के समय भी कई कई लोग उसके साथ बलात्कार करते थे। कहा जाए तो उसके साथ लगातार सामूहिक बलात्कार किया गया। दरिदों ने मौका मिलते ही उसके साथ दरिंदगी की। इस मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब दरिंदगी के दौरान वो बच्ची दर्द से तड़पती थी, तब उसे शांत करने और सुलाने के लिए जबरन उसे शराब पिलाई जाती थी, और फिर उसकी इज्जत को तार तार किया जाता था। बताया जा रहा है कि होटल मालिकों ने एक एक दिन में कई लोगों को बच्ची के साथ दरिंदगी करने की छूट दी थी। इस पूरी कहानी ने प्रदेश को ही नहीं देश को झकझोर दिया है।

वहशीपन की ये कहानी यहीं खत्म नहीं हो जाती. इस मामले में एक और सनसनीखेज आरोप तब सामने आया, जब जांच एजेंसियों को पता चला कि एक होटल मैनेजर ने उस बच्ची की तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर भेजी गई थीं। इसी के बाद दरिंदगी का वो शर्मनाक खेल शुरू हुआ, जिसके चलते कई लोगों ने उस बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया था, इसी तरह से कई अन्य लोग भी इस गुनाह की कड़ी से जुड़ते चले गए, ये वही लोग थे, जो बच्ची की आबरू का सौदा करने के लिए बारी-बारी से होटल पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, बच्ची की उन्हीं तस्वीरों के जरिए कई अहम सुराग जांच करने वाली टीम के हाथ लगे है।

उधर, बच्ची के लापता होने के बाद परिवार ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच शुरू की और 22 जून को ‘होटल जॉय इन’ से बच्ची को बरामद कर लिया गया। इसके बाद मामले की परतें खुलनी शुरू हुई। जांच आगे बढ़ी तो यह मामला कथित तौर पर संगठित अपराध और मानव तस्करी के एंगल तक पहुंच गया है।

शुरुआत में जांच के दौरान तीन होटल सामने आए थे; हालांकि, पुलिस ने अब बीरबल चौक के पास “ड्रीम” नाम से संचालित चौथे प्रतिष्ठान की पहचान की गई है। सभी चार होटलों के रिकार्ड की फिलहाल जांच चल रही है। लड़की को उसके परिवार द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद 22 जून को पुलिस ने होटल जॉय इन से बरामद किया था। उनके बयान के आधार पर पुलिस ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है और कहा है कि कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और उन्हें हिरासत में लेने के प्रयास जारी हैं।

जांचकर्ताओं ने सभी चार होटलों से डीवीआर सिस्टम जब्त कर लिया है, तथा फुटेज का विश्लेषण करने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव की देखरेख में विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई है। पुलिस का मानना है कि जांच के दौरान अतिरिक्त नाम सामने आ सकते हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में होटल मालिक मयंक सैन, मैनेजर हरदीप नाथ और सचिन शामिल हैं, जो फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं। ई-रिक्शा चालक राम बाबू, मुकेश नाथ और लालबंद सिंगला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। शनिवार को पुलिस ने हनुमानगढ़ के किशनपुरा दिखनाडा निवासी दीपक और श्रीगंगानगर निवासी तरुण नामक दो अन्य युवकों को भी गिरफ्तार किया गया है। यश घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश फ़ैल गया था।

पुलिस ने बताया कि अब तक की गई 12 गिरफ्तारियों में से पांच आरोपियों पर शोषण में सीधे तौर पर शामिल होने का आरोप है। मामले से जुड़े एक होटल को सील कर दिया गया है, जबकि अधिकारी अन्य होटल मालिकों और प्रबंधन कर्मियों की भूमिका की जांच जारी रखे हुए हैं। अधिकारियों ने कहा कि किराये के रिकॉर्ड और परिचालन दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी, और मिलीभगत स्थापित होने पर कानूनी कार्ईयवाही की जाएगी।

एसपी हरि शंकर ने कहा कि जांचकर्ताओं ने आरोपियों के मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण सुराग बरामद किए हैं, जो आगे की गिरफ्तारियों में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नाबालिग की सुरक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास प्राथमिकता बनी हुई है तथा पुलिस टीमें अतिरिक्त संदिग्धों का पता लगाने के लिए छापेमारी जारी रखे हुए हैं। इस मामले से श्रीगंगानगर में जनता में गुस्सा भड़क गया है। शनिवार को जिला कांग्रेस समिति ने गंगानगर ट्रेडर्स एसोसिएशन भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन और होटल संचालकों के खिलाफ नारे लगाए।