आसनसोल (बंगाल) : ममता बैनर्जी के समय भाजपा के नेताओं पर खूनी हमले हो चुके है, उस समय उनकी कोई सुनवाई नहीं होती थी, वहीँ अब सत्ता बदलने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं कि तरफ से भी जवाब दिये जाने लगे है, जो पहले सहन कर लेते थे, ऐसे में अब लगातार झड़प के मामले सामने आ रहे है, जिसमें सामने आई खबर के अनुसार पश्चिम बर्दवान के सलानपुर ब्लॉक के आछड़ा पंचायत क्षेत्र में मंगलवार देर रात तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प से क्षेत्र में तनाव फैल गया। घटना में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना में तृणमूल के दो कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए आसनसोल जिला अस्पताल भेजा गया। वहीं बीजेपी का दावा है कि उसके करीब 10 कार्यकर्ताओं के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। कुछ घायलों का प्राथमिक उपचार पीठाकेयारी अस्पताल में कराया गया, जबकि कई को आसनसोल जिला अस्पताल रेफर किया गया।
भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि देर रात आछड़ा पंचायत कार्यालय के पास एक घर के सामने खड़ी दो पिकअप वैन को देखकर उनके कार्यकर्ताओं ने पूछताछ की कि गाड़ियों से क्या उतारा जा रहा है। इसी दौरान पल्लव तिवारी और रॉनी तिवारी समेत तृणमूल समर्थकों ने बंदूक, पंच और अन्य हथियारों से उन पर हमला कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हिंसक संघर्ष शुरू हो गया था, यह विवाद काफी हद तक बढ़ गया था।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि बड़ी संख्या में भाजपा समर्थक वहां पहुंचे और उनके कार्यकर्ताओं पर हमला बोल दिया। इस हमले में पल्लव तिवारी के सिर में गंभीर चोट लगी है। वहीँ तृणमूल ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान एक मोटरसाइकिल को आग लगाने की भी कोशिश की गई। तृणमूल नेता पल्लव तिवारी ने इस घटना के लिए सीधे बीजेपी नेता चिन्मय तिवारी को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि उनके निर्देश पर हमला किया गया।
हालांकि भाजपा नेता चिन्मय तिवारी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि तृणमूल शासन के दौरान क्षेत्र में लोगों पर अत्याचार हुआ था और आज जनता उनके खिलाफ खड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करते और लोगों से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की। वहीं पल्लव तिवारी के बड़े भाई संजय सुकुल ने बताया कि उनकी निजी स्कूल की किताबें और अन्य सामान पिकअप वैन से उतारा जा रहा था। तभी 10-15 लोगों का एक समूह लाठी-डंडों और लोहे की रॉड लेकर पहुंचा और हमला कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने वाहन में आग लगाने की भी कोशिश की, जिससे पल्लव तिवारी और रॉनी तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। इस घटना की जानकारी मिलने पर कांग्रेस नेता प्रसेनजीत पुइतंडी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि तृणमूल और भाजपा में कोई अंतर नहीं रह गया है। जनता ने बदलाव शांति के लिए चाहा था, लेकिन इस तरह की हिंसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। इस घटना में दोनों राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाये हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। वहीँ इस घटना से भाजपा कार्यकर्ताओं में काफी आक्रोश है।



