महिलाओं के नाम संपत्ति लेने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट से बढ़ीं रजिस्ट्री, महिलाओं के नाम खरीदी से भारी तेजी।

रायपुर: छत्तीसगढ़ में जमीन और मकान की खरीद-बिक्री में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) में संपत्ति की रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य सरकार द्वारा पंजीयन दरों में दी गई भारी छूट और प्रक्रियाओं के सरलीकरण का सीधा फायदा आम लोगों और निवेशकों को मिल रहा है।

मुख्य अंश (Key Highlights):

  • पंजीयन में तेज वृद्धि: 8 सितंबर तक 1,60,981 संपत्तियों का पंजीयन हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.2% अधिक है।
  • महीने-दर-महीने उछाल: जुलाई में पंजीयन में 30% और अगस्त में 38% की भारी बढ़त दर्ज की गई।
  • महिलाओं को सशक्तिकरण: महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर 50% की छूट; महज 4 महीने में 40 हजार से अधिक रजिस्ट्री महिलाओं के नाम हुईं।
  • पारिवारिक दस्तावेजों पर राहत: दानपत्र, हकत्याग और बंटवारे के दस्तावेजों का पंजीयन शुल्क घटाकर मात्र 500 रुपये किया गया।

आंकड़ों में बंपर उछाल :

राज्य में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 8 सितंबर तक 1,60,981 दस्तावेजों का पंजीयन हो चुका है। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 1,42,187 था। इस प्रकार अब तक 18,794 अधिक दस्तावेजों (13.2 प्रतिशत की वृद्धि) की रजिस्ट्री की जा चुकी है।

महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने का बढ़ा रुझान :

संपत्ति की खरीदी में आई तेजी का मुख्य कारण पंजीयन दरों में दी गई बड़ी छूट है। मई माह में लागू नए नियम के अनुसार, यदि कोई संपत्ति महिला के नाम पर खरीदी जाती है, तो पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इस प्रावधान का व्यापक असर दिखा है और महज चार महीनों के भीतर ही 40,886 से अधिक संपत्तियों की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर दर्ज की गई है।

पारिवारिक विलेखों और सैनिकों को विशेष राहत :

राज्य सरकार ने न केवल महिलाओं को, बल्कि परिवारों और सैनिकों को भी बड़ी राहत दी है:

  • पारिवारिक बंटवारा आसान: परिवार के भीतर दानपत्र, हकत्याग पत्र और बंटवारे के दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क अब केवल 500 रुपये लगता है।
  • सैनिकों को सम्मान: सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की विशेष छूट दी गई है।

इन तमाम प्रावधानों के जरिए राज्य सरकार ने आम नागरिकों को लगभग 1,100 करोड़ रुपये की पंजीयन शुल्क संबंधी रियायतें दी हैं।

घर बैठे रजिस्ट्री और स्वतः नामांतरण की सुविधा :

प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए सरकार ने लोगों को घर बैठे रजिस्ट्री कराने की सुविधा भी दी है। इसके अलावा, पिछले ढाई वर्षों से रजिस्ट्री के साथ ही ‘स्वतः नामांतरण’ (Auto-Mutation) की प्रक्रिया लागू की गई है, जिसके तहत अब तक 2.78 लाख से अधिक स्वतः नामांतरण सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। इस पारदर्शी प्रणाली से निवेशकों और जरूरतमंदों, दोनों का रुझान रियल एस्टेट सेक्टर की तरफ बढ़ा है।

त्योहारी सीजन की विशेष तैयारी :

त्यौहारी सीजन को देखते हुए पंजीयन कार्यालयों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। 14 सितंबर से गणेश चतुर्थी का पर्व शुरू हो रहा है, जिसके बाद नवरात्र, दशहरा और दिवाली तक प्रापर्टी की खरीद-बिक्री और अधिक बढ़ने की उम्मीद है। इन अवसरों पर अवकाश के दिनों में भी रजिस्ट्री की व्यवस्था की जाएगी। पंजीयन एवं मुद्रांक रायपुर के आईजी पुष्पेंद्र मीणा ने बताया कि त्यौहारी सीजन में रजिस्ट्री का कार्य बाधित न हो, इसके लिए सभी पंजीयन कार्यालयों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। अब इसका लाभ कई लोग ले रहे है।