रायपुर : ऑनलाइन महादेव बैटिंग एप पर केंद्रीय व राज्य की जांच एजेंसियों तथा पुलिस का शिकंजा कसने के बाद एप संचालकों द्वारा अपने नेटवर्क के संचालन का तरीका बदलने की जानकारी सामने आई है। सट्टा संचालकों द्वारा युवतियों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर उनकी प्रोफाइल से जुड़ी जानकारियां जुटाई जा रही हैं और इसके बाद उन्हें रोजगार का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, रायपुर, बिलासपुर तथा दुर्ग-भिलाई क्षेत्र से करीब 300 युवतियों को दूसरे राज्यों में नौकरी का झांसा देकर भेजे जाने की बात सामने आई है। इनमें से कुछ युवतियों के हैदराबाद, पुणे, मुंबई और पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में पहुंचने की सूचना है। यह खुलासा केंद्रीय और राज्य की जांच एजेंसियों की आंतरिक जांच रिपोर्ट में हुआ है। हालांकि, संपर्क करने पर अधिकारियों द्वारा इस विषय पर किसी भी प्रकार की बातचीत करने से इंकार किया जा रहा है।
बेंगलुरु से हैदराबाद तक कनेक्शन :
ऑनलाइन महादेव बेटिंग एप से जुड़े नेटवर्क के अन्य राज्यों में पैनल संचालित करने के मामले पूर्व में भी सामने आ चुके हैं। दुर्ग पुलिस ने वर्ष 2024 में हैदराबाद में कार्यवाही कर महादेव सट्टा पैनल चलाने के आरोप में भिलाई और रायपुर के कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। सूत्रों के मुताबिक, अब हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे और मुंबई जैसे शहरों में मौजूद सिंडीकेट और छत्तीसगढ़ से वहां पहुंचे युवाओं के संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह जांच भी कर रही है कि युवतियों को वास्तव में किस काम के बहाने बुलाया गया और क्या उनका सीधा संबंध ऑनलाइन सट्टा पैनल से है।
ऐसे फंसाया जा रहा जाल में :
जालसाज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए 20 से 25 वर्ष की युवतियों से संपर्क साधते हैं। प्राथमिक बातचीत के बाद उन्हें लीगल तरीके से मोटी कमाई का प्रलोभन दिया जाता है और अन्य शहरों में ऑनलाइन जॉब का ऑफर सौंपा जाता है। मामले में हिमानी नाम की एक युवती सहित तीन संदिग्धों की भूमिका उजागर हुई है। इसके अलावा फिरोज और अतुल नाम के युवकों का संपर्क भी इस नेटवर्क से जुड़ा पाया गया है। अतुल पूर्व में भी महादेव सट्टा एप में बतौर मैनेजर काम कर चुका है।
दूसरे बेटिंग एप से सट्टा संचालन :
महादेव नेटवर्क से जुड़े पुराने मामलों में पुलिस की कार्यवाही से बचने के लिए विदेशी नंबरों और अन्य बेटिंग प्लेटफॉर्म के नाम पर आईडी संचालित करने की कार्यप्रणाली पहले भी पकड़ी जा चुकी है। वर्ष 2024 में रायपुर में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, एजेंटों को विदेशी नंबरों के माध्यम से आईडी उपलब्ध कराई गई थी। अब सोशल मीडिया के जरिए नए चेहरों की भर्ती कर उन्हें अलग-अलग शहरों में सक्रिय करने की नई रणनीति जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
देश का तीसरा सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला :
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव सट्टा एप प्रकरण को देश का तीसरा सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला माना है, जिसका कथित लेन-देन दायरा करीब 1 लाख करोड़ रुपये तक आंका गया है। इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने 114 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, जिनमें से अब तक केवल 28 की गिरफ्तारी हो सकी है। मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल सहित 86 आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर हैं। गिरफ्तार 28 आरोपियों में से 26 को अदालत से जमानत मिल चुकी है, जबकि वर्तमान में केवल अभिषेक कुमार सिंह और दिल्ली के कारोबारी विकास गर्ग ही रायपुर केंद्रीय जेल में निरूद्ध हैं।



