जिंदल परिसर स्थित इंडेन गैस एजेंसी में बड़ा फर्जीवाड़ा; 816 सिलेंडर गायब, 1,878 फर्जी ऑनलाईन डिलीवरी पर चार के खिलाफ मामला दर्ज।

रायगढ़ : जिंदल परिसर के गेट नंबर-02 स्थित इंडेन गैस एजेंसी में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के स्टॉक तथा वितरण में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। कलेक्टर न्यायालय के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम द्वारा एजेंसी व गोदाम का भौतिक सत्यापन किए जाने पर रिकॉर्ड की तुलना में 816 सिलेंडर कम पाए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 10 लाख 72 हजार 150 रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही 1,878 उपभोक्ताओं को सिलेंडर दिए बिना ही कागजों पर ऑनलाईन डिलीवरी दर्ज करने की धांधली भी पकड़ी गई है। खाद्य विभाग की रिपोर्ट पर कोतरा रोड थाना पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत चार जिम्मेदारों पर प्राथमिकी दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है।

रिकॉर्ड और गोदाम स्टॉक के मिलान में 816 सिलेंडरों की कमी उजागर :

सहायक खाद्य अधिकारी अंजनी कुमार राव और खाद्य निरीक्षक चूड़ामणी सिदार की संयुक्त टीम ने एजेंसी और गोदाम में मौजूद सिलेंडरों का रिकॉर्ड से मिलान किया। जांच के दौरान 14.2 किलोग्राम वाले 633 भरे घरेलू सिलेंडर नदारद मिले। इसी प्रकार 19 किलोग्राम वाले 56 भरे और 127 खाली व्यावसायिक सिलेंडर भी स्टॉक से गायब पाए गए। इस तरह कुल 816 सिलेंडरों का अंतर सामने आया, जिसकी शासकीय कीमत विभाग द्वारा 10,72,150 रुपये निर्धारित की गई है।

505 अतिरिक्त खाली सिलेंडर मिले, 304 की सील खुली पाई गई :

जांच के दौरान गोदाम में स्टॉक की एक और बड़ी विसंगति उजागर हुई। रिकॉर्ड की तुलना में 505 खाली घरेलू सिलेंडर अधिक पाए गए। इनमें से 304 सिलेंडरों की सील पहले से खुली हुई थी, हालांकि सत्यापन के दौरान इनमें गैस मौजूद नहीं थी।

बिना सिलेंडर दिए 1,878 उपभोक्ताओं के नाम पर फर्जी ऑनलाईन डिलीवरी :

खाद्य विभाग की जांच में उपभोक्ताओं से जुड़ी शिकायतों की पड़ताल के दौरान सामने आया कि कई उपभोक्ताओं ने गैस रिफिल की बुकिंग कराई थी और उनके नाम पर इनवॉइस भी जारी हो चुका था, लेकिन उन्हें वास्तव में सिलेंडर नहीं मिले। मौके पर पहुंचे उपभोक्ताओं और फोन पर मिली शिकायतों के आधार पर कुल 1,878 ऐसे उपभोक्ताओं की पुष्टि हुई, जिनके नाम पर एजेंसी ने ऑनलाईन डिलीवरी दर्ज कर दी थी, जबकि उन्हें सिलेंडर प्राप्त नहीं हुआ था। नया गैस लोड मंगाने के लिए बिना वितरण किए ही ऑनलाईन स्टॉक में फर्जी खपत दर्ज की गई थी।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी, गोदाम क्षेत्र में मिलीं गंभीर लापरवाहियां :

सत्यापन के दौरान गैस गोदाम क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में भी व्यापक खामियां पाई गईं। निरीक्षण में सुरक्षा द्वार नदारद मिला, परिसर क्षेत्र में सूखे पत्ते बिखरे हुए थे और आग से बचाव के लिए केवल एक अग्निशमन यंत्र उपलब्ध था। खाद्य विभाग ने सुरक्षा मानकों के इस उल्लंघन को भी जांच का हिस्सा बनाया है।

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत चार जिम्मेदारों पर मामला दर्ज :

द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 के प्रावधानों के उल्लंघन पर खाद्य विभाग ने कोतरा रोड थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने एजेंसी प्रभारी टीकाराम पटेल, गोदाम प्रभारी भजराम धोबी, कंप्यूटर ऑपरेटर चेतन बरेठ और जिंदल प्रबंधन के अधिकारी आशीष गेरा के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 एवं 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में पुलिस द्वारा आगे की विवेचनात्मक कार्यवाही की जायेगी।