इटावा (उ.प्र.) : जिले में एक कलयुगी बेटी पर अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर पिता की हत्या करने का आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक पिता अपनी बेटी के लव अफेयर का विरोध करते थे। इसी बात को लेकर कथित तौर पर बेटी और उसके बॉयफ्रेंड ने हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि पहले श्याम सुंदर को नींद की गोलियां देकर बेहोश किया गया, फिर चाकू और सिलबट्टे से हमला कर उनकी जान ले ली गई। हत्या के बाद शव को फ्रिज में छिपाने की कोशिश की गई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली तो उसे कपड़ों और कंबल में लपेटकर बक्से में बंद कर दिया गया। घर से बदबू आने पर पड़ोसियों को शक हुआ, जिसके बाद पुलिस ने शव बरामद कर मृतक की नाबालिग बेटी और उसके बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार कर लिया।
काशीराम कॉलोनी के घर में मिला शव :
यह मामला इटावा के सिविल लाईन थाना क्षेत्र स्थित काशीराम कॉलोनी का है। यहां करीब 55 वर्षीय श्याम सुंदर रहते थे। वह एक होटल में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। उनकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी थी और उनकी दो बेटियों की शादी हो गई थी। श्याम सुंदर अपनी छोटी बेटी के साथ कॉलोनी में मिले आवास में रह रहे थे। पुलिस को उनके घर में रखे बक्से से शव मिला। शुरुआती जांच में सामने आया कि हत्या के बाद शव को छिपाने के लिये बक्से का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने घटनास्थल की जांच कर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश शुरू की।
पिता के विरोध से नाराज थे बेटी और बॉयफ्रेंड :
पुलिस के मुताबिक श्याम सुंदर की नाबालिग बेटी का अभिलाष सिंह नाम के युवक से लव अफेयर था। दोनों के बीच बातचीत होती थी और बेटी अपने पिता के मोबाईल फोन से बॉयफ्रेंड से बात करती थी। जब श्याम सुंदर को इस रिश्ते के बारे में पता चला, तो उन्होंने बेटी को डांटा और उसे लव अफेयर से दूर रहने के लिये कहा। आरोप है कि पिता की रोक-टोक से नाराज होकर बेटी और उसके बॉयफ्रेंड ने उन्हें रास्ते से हटाने की योजना बना ली। पुलिस का कहना है कि इसी विवाद ने हत्या की साजिश की शक्ल ले ली। हालांकि, मामले में आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्यवाही साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
नींद की गोलियां देकर किया हमला :
पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार, 21 अक्टूबर 2026 की रात श्याम सुंदर घर लौटे थे। आरोप है कि बेटी और उसके बॉयफ्रेंड ने उन्हें चाय या खाने में नींद की गोलियां दे दीं, जिससे वह बेहोशी की हालत में पहुंच गए। इसके बाद दोनों ने उन पर हमला किया। पुलिस के मुताबिक घर में रखे चाकू से उनका गला काटने की कोशिश की गई और फिर सिलबट्टे के लोढ़े से सिर पर वार किया गया। उनकी छाती पर भी हमला किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर श्याम सुंदर को चारपाई से बांधकर सिलबट्टे से हमला किया था। इस हमले में उनकी मौत हो गई।
फ्रिज में नहीं समाया शव तो बक्से में किया बंद :
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को छिपाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, उन्होंने शव के हाथ-पैर बांधे और उसे फ्रिज में रखने का प्रयास किया, लेकिन शव उसमें नहीं समा पाया। इसके बाद उन्होंने बक्से में रखे कपड़े निकाले और शव को कपड़ों व कंबल में लपेटकर बक्से के अंदर बंद कर दिया। आरोप है कि इसके बाद घर पर ताला लगाकर दोनों वहां से चले गए। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने सबूत मिटाने के इरादे से श्याम सुंदर का मोबाईल फोन भी नाले में फेंक दिया था। इस तरह हत्या के बाद शव को घर के भीतर छिपाकर रखा गया।
घर से बदबू आने पर पड़ोसियों को हुआ शक
घर बंद रहने के करीब तीन दिन बाद वहां से बदबू आने लगी। इसके बाद पड़ोसियों को किसी अनहोनी का शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर की तलाशी ली, जहां बक्से के अंदर श्याम सुंदर का शव मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया। पुलिस ने हत्या की जांच शुरू करते हुए आरोपियों की तलाश के लिये टीम गठित की।
पांच महीने पहले रिचार्ज के दौरान हुई थी मुलाकात :
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक पुलिस जांच में पता चला कि नाबालिग लड़की और अभिलाष सिंह की मुलाकात करीब पांच महीने पहले फोन नंबर रिचार्ज कराने के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच लव अफेयर हो गया। पुलिस का आरोप है कि बाद में बेटी ने ही बॉयफ्रेंड से पिता को रास्ते से हटाने की योजना बनाने के लिये कहा था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हत्या की योजना किस तरह बनाई गई और वारदात को अंजाम देने में दोनों की क्या भूमिका रही।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार :
पुलिस ने नाबालिग बेटी और उसके बॉयफ्रेंड अभिलाष सिंह को ग्राम सराय ऐसर के पास चकरोड से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 238 के तहत कार्यवाही की गई है। मामले में घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।



