राम मंदिर हॉल में मुस्लिम युवती के निकाह के बाद खड़ा हुआ बवाल, सुअरों की बारात निकालने की धमकी, मंदिर समिति ने दिया भड़काऊ बयान।

शिमला (हिमाचल प्रदेश) : शिमला के शांत पहाड़ों के बीच फिर एक नया बवाल खड़ा हो अगया है, जिसने धर्म, परंपरा और संवैधानिक अधिकारों को आमने-सामने ला दिया है। यहाँ राम मंदिर हॉल में एक मुस्लिम परिवार के निकाह की बुकिंग ने सियासी और सामाजिक माहौल में बवाल खड़ा कर दिया है, यहां एक ओर दक्षिणपंथियों ने धमकी देना शुरू कर दिया है तो दूसरी ओर बराबरी और संविधान की दलीलें भी जोर पकड़ रही हैं।

दरअसल, शिमला में मस्जिद के बाद अब हिंदूवादी संगठन की आपत्तियों के बाद अब नये विवाद ने जन्म ले लिया है। यहाँ हिन्दू संघर्ष समिति ने सूद सभा के जरिये संचालित राम मंदिर हॉल में मुस्लिम परिवार के बुकिंग पर आपत्ति जाहिर की है, मामले में बताया जा रहा है मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाले मोहम्मद नासिर की बेटी का निकाह 11 अप्रैल को राम मंदिर में होना है, जो हिंदूवादी संगठनों को नागवार गुजर रहा है।  

बताया गया है कि मोहम्मद नासिर राजधानी शिमला के ईदगाह कॉलोनी के रहने वाले हैं। नासिर के जरिये राम मंदिर हॉल बुक करने को लेकर हिन्दू संघर्ष समिति ने सड़कों पर उतरने की धमकी दी है। इससे पहले हिन्दू संघर्ष समिति, सूद सभा शिमला को ज्ञापन सौंप चुकी है, उन्होंने समिति को चेतावनी दी है कि अगर राम मंदिर हॉल में निकाह हुआ, तो बड़ा प्रदर्शन किया जायेगा। नाराजगी जताते हुये उन्होंने हिन्दू संघर्ष समिति ने विरोधस्वरूप सुअरों की बारात निकालने और मुंडन तक की चेतावनी दे डाली है।

हिन्दू संघर्ष समिति के नेता विजय शर्मा और मदन ठाकुर ने राम मंदिर हॉल में मुस्लिम परिवार की शादी का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि मंदिर की संपत्ति पर मुस्लिम परिवार का विवाह ने कहा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर निकाह को नहीं रोका गया तो सुअरों की बारात निकालने के साथ मुंडन भी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम परिवार को अपने से जुड़े जगहों पर शादी का आयोजन करवाना चाहिए न कि मंदिर की संपत्ति पर। ऐसे में सूत सभा को ज्ञापन के जरिए विरोध दर्ज करवाया गया है।

इस मामले में सूद सभा शिमला के अध्यक्ष राजीव सूद ने कहा कि वे सभी की भावनाओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी राम मंदिर हॉल में मुस्लिम परिवारों की शादी होती रही है, ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश का संविधान और सूद सभा का संविधान धर्म के आधार पर किसी को भी नहीं रोक सकता है। इस प्रकार के भडकाऊ बयान से हिंदूवादी संगठन नाराज हो गये है।

मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि राम मंदिर हॉल में मदिरा और मीट के साथ मास-मच्छी खाने पर पहले से ही प्रतिबंध है। उन्होंने कहा राम मंदिर हॉल में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है। बीते पांच साल में मुस्लिम परिवारों के 15 से ज़्यादा निकाह इसी स्थान पर हो चुके हैं।

मंदिर समिति ने किया सबकुछ साफ :

इस विवाद को लेकर सूद सभा ने साफ किया है कि इस कार्यक्रम में कोई निकाह समारोह मंदिर हॉल में नहीं होगा। निकाह पहले ही मस्जिद में संपन्न किया जाएगा, जबकि राम मंदिर हॉल में सिर्फ रिसेप्शन का आयोजन होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी कई बार मुस्लिम परिवारों द्वारा इस हॉल का उपयोग शादी समारोहों के लिए किया जा चुका है। वहीं, लड़की के पिता मोहम्मद नासिर ने भी विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वे केवल सामाजिक समारोह के तौर पर रिसेप्शन आयोजित कर रहे हैं, जिसमें ज्यादातर मेहमान हिंदू समुदाय से ही होंगे। मंदिर की मर्यादा का पूरा ख्याल रखा जायेगा, उन्होंने अपील की है कि इस मामले को बेवजह तूल न दिया जाए और इसे सामाजिक सौहार्द्र के नजरिए से देखा जाए। यह किसी भी तरह से विवाद का विषय नहीं है।

20 सालों से ज्यादा समय से गंगा जमुनी तहजीब :

इसके साथ ही परिवार के दूसरे लोगों ने भी शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है, बल्कि एक सामान्य पारिवारिक समारोह आयोजित करना है। इस पूरे आयोजन में नियमों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। हॉल में केवल शाकाहारी भोजन परोसा जाएगा और कुक भी हिंदू समुदाय से हैं। परिवार ने यह भी बताया कि साल 2005 में गजाला अनवर की शादी भी इसी राम मंदिर हॉल में हुई थी, जिससे यह साफ होता है कि इस तरह के आयोजन पहले भी यहां होते रहे हैं। ऐसे में इसको लेकर किसी भी विवाद की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी।