मुथुट फाईनेंस में लेनदेन से बचें, उपभोक्ता फोरम से आदेश होने के बाद भी पीड़ित किशोर मोटवानी को नहीं मिल रही भरपाई।

रायपुर : विभिन्न कम्पनियाँ लोगों को अलग-अलग प्रकार के लोन अथवा ऋण उपलब्ध करवाती है, अगर किसी व्यक्ति को ऋण लेना हो तो उसके पास कई विकल्प होते है, लेकिन वह खोजता है एक भरोसा, जो एक आम आदमी को नामी कम्पनियों पर होता है, ऐसे ही राजधानी निवासी किशोर मोटवानी को किसी आवश्यक कार्य के लिये ऋण की आवश्यकता थी, जिसके लिये उन्हें गोल्ड लोन बेहतर लगा, जिसके लिये वो ऋण लेने पहुँच गये जीई रोड स्थित मुथूट फाईनेंस कंपनी में जहाँ से उन्होंने अपना सोना गिरवी रखकर 72,000 रूपये का ऋण लिया, गिरवी रखा गया सोना 86.5 ग्राम था, जिस पर उक्त कम्पनी द्वारा ऋण राशि दी गई थी। यह मामला 18 मार्च 2008 का था।

इसके कुछ समय पश्चात् ऋण लेने वाले परिवादी उपभोक्ता को समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला किउक्त शाखा में लूट/डकैती का मामला सामने आया है, जिसमें किशोर मोटवानी का सोना भी लूटकर ले जाया गया है। उस समय उपभोक्ता द्वारा पूछने पर आश्वासन दिया गया कि पुलिस कार्यवाही के दौरान सोना प्राप्त होने पर जल्द ही लौटा दिया जायेगा, लेकिन किसी कारणवश ऐसा ना हो सका। उसके बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से मामले का निपटारा करने की बात कही गई, लेकिन वो भी नहीं किया गया और लगातार परिवादी को घुमाया गया। लगातार 14 वर्षों तक पीड़ित को परेशान होना पड़ा लेकिन कोई हल नहीं निकला, जिसके बाद पीड़ित ने जिला उपभोक्ता संरंक्षण के समक्ष परिवाद दायर किया। मामले में अंततः जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा परिवादी के पक्ष में फैसला सुनाया गया।

जिला उपभोक्ता फोरम ने फाइनेंस कंपनी को दिया ब्याज सहित संपत्ति लौटाने का आदेश :

वहीँ अब जिला जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा 23 अप्रैल 2025 मुथूट फाइनेंस कंपनी को भरपाई का आदेश जारी कर दिया है, फिर भी स्थानीय स्तर के अधिकारी लगातार उन्हें घुमा रहे है, और भरपाई करने के नाम पर किसी प्रकार का कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं दे रहे है और प्रार्थी को लगातार परेशान कर रहे है। इस मामले में जब स्थानीय अधिकारियों से माचिस मीडिया द्वारा संपर्क किया गया तो उन्होंने कुछ ने कहा कि यह उनके अंतर्गत नहीं आता तो किसी ने कार्यवाही के लिये कम्पनी से बात करने की बात कही, रायपुर से लेकर दिल्ली और बेंगलोर की शाखाओं तक में माचिस मीडिया द्वारा बात की गई, लेकिन किसी ने भी इस मामले में जिम्मेदारी लेने से अथवा निपटारा करने में असक्षमता जताई।

वहीँ रायपुर की जीई रोड की शाखा के प्रमुख अधिकारी मोहन सी सैम्युल (RM) ने भी लगभग अपना पल्ला झाड़ दिया उन्होंने कहा कि हमने कार्यवाही के लिये दिल्ली भेज दिया है, लेकिन अब तक उसका कोई जवाब नहीं आया है, हम फॉलोअप ले रहे है, लेकिन जब कुछ दिन बाद फिर पूछा गया तो उन्होंने फोन काट दिया और कोई जवाब नहीं दिया। इस तरह पीड़ित को लगातार घुमाया जा रहा है, और वो लम्बे समय से परेशान चल रहे है, क्षेत्रिय अधिकारी द्वारा बार – बार दस्तावेज मंगवाये जाने के बाद भी कोई हल नहीं हुआ है।

वहीँ इस मामले में किशोर मोटवानी ने कहा है कि उनके पुश्तैनी और घरेलु जेवरात भी चले गये और उसकी भरपाई भी नहीं हो रही है, वहीँ लगातार क़ानूनी कार्यवाही का सहारा लेने के बाद भी कंपनी को फर्क नहीं पड़ रहा है। इसके साथ ही किशोर मोटवानी ने बताया कि उनके द्वारा जब मामला डाला गया था, फिर भी उनकी तरफ से 7 पेशियों में कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ। उल्टा उन्होंने ये आरोप लगा दिया है कि उन्होंने एकतरफा कार्यवाही करवाई है, जो कि गलत है, उनसे कई बार दस्तावेज भी जमा करवाये गये है, लेकिन कोई भी संतुष्टिजनक जवाब नहीं मिला है, इसके अलावा माचिस मीडिया द्वारा भी उनके अधिकारी को आवश्यक दस्तावेज भेजे गये है। वहीँ पीड़ित न्याय के लिये अब भी भटक रहा है, जिसके कारण उसने कम्पनी से किसी प्रकार कोई लेनदेन ना करने का निवेदन किया है, जिससे कही किसी और को कोई परेशानी से ना जूझना पड़े, क़ानूनी आदेश होने के बावजूद कंपनी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।