रायपुर : नकली नोट अब भी बाज़ार में चल रहे है, जो कि राष्ट्र से एक गद्दारी भरा कार्य है, नकली नोट अब भी बाज़ार में बने हुये है, जिसको लेकर कई राष्ट्र विरोधी तत्व लगातार नकली नोट बना रहे है, विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि नकली नोटों को बनाने वाले कुछ लोग गुजरात के कुछ जिलों में इस घिनौने कार्य को अंजाम दे रहे है और 1 लाख रूपये के असली नोटों के बदले 3 लाख के नकली नोट उपलब्ध करवा रहे है। वहीँ सामने आये मामले के अनुसार रायपुर में जाली नोटों की तस्करी से जुड़े एक बड़े अंतर्राज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) को मिली गुप्त सूचना के आधार पर रिंग रोड स्थित हंस ट्रैवल्स कार्यालय में दबिश दी गई।
जानकारी के अनुसार, ट्रैवल कंपनी के माध्यम से बड़ी मात्रा में जाली नोट एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाये जा रहे थे। डीआरआई की पांच सदस्यीय टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी करते हुए मौके से तीन बोरे बरामद किए, जिनमें 10, 20 और 50 रुपये के नोट भरे हुए थे। इनमे ट्रेवल्स संचालकों की मिली भगत की आशंका जताई जा रही है।
कोलकाता से दिल्ली भेजी जा रही थी खेप, संदिग्धों के नाम आए सामने :
अधिकारियों ने इन नोटों को जब्त कर जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है। प्रारंभिक तौर पर नोटों को संदिग्ध माना जा रहा है, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जायेगा ताकि यह पुष्टि हो सके कि वे पूरी तरह जाली हैं या नहीं। सूत्रों के मुताबिक, यह खेप पश्चिम बंगाल के कोलकाता से भेजी गई थी। वहीँ उदय सिंह बिस्वाल नामक व्यक्ति ने इन नोटों को दिल्ली पहुंचाने के लिए ट्रांसपोर्ट के जरिए रवाना किया था, जहां इन्हें कमल किशोर गुप्ता नाम के व्यक्ति को सौंपा जाना था। जिसको लेकर मामले में कार्यवाही की गई है।
संगठित गिरोह की आशंका और नेटवर्क की जांच :
बताया गया है कि डीआरआई को पहले से इस गतिविधि की भनक लग चुकी थी, जिसके चलते समय रहते कार्यवाही कर इस खेप को पकड़ लिया गया। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह मामला किसी बड़े संगठित गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो लंबे समय से जाली नोटों की तस्करी में सक्रिय है। फिलहाल डीआरआई पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इसके साथ ही आपको बता दें कि काफी समय पूर्व दिल्ली में नकली दस के सिक्के बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई थी, वो सिक्के अब भी बाज़ार में चल रहे है, लेकिन सरकार ने उसको लेकर कोई पाबन्दी नहीं लगाईं है।



