रायपुर : राजधानी से एक शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जिसने माता-पिता के रिश्तों पर भी बट्टा लगा दिया है, जिस माता-पिता ने आजीवन अपनी संतान को पाला पोसा लायक बनाया, उसी कलयुगी संतान ने ऐसा घिनौना काण्ड कर दिया है, जिससे इंसानियत और रिश्तों को भी शर्मसार होना पड़ा है, माता-पिता भी इस खबर को पढ़कर क्या सोचेंगे? इसलिये कहा गया है कि संतान लायक हो तो उसके लिये धन इकठ्ठा करने की क्या जरूरत है, और अगर नालायक हो तो आपको कमाई हुई सम्पत्ति को भी वो बर्बाद कर सकती है। सामने आये मामले के अनुसार पिता के फर्जी हस्ताक्षर करके पुश्तैनी घर को बंधक रखकर बेटे ने लोन ले लिया। इससे उसने अपना घर बनवाया और लोन की किश्तें भी जमा नहीं की। फिर बैंक से नोटिस मिलने के बाद मां को इसका पता चला और वो हैरान रह गई, उसे इस बात पर विश्वास ही नहीं हुआ उसके बेटे ने ये दगाबाजी का काम किया है। जिसके बाद वह बेटे के खिलाफ थाने पहुंच गई और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने नहीं लिया कोई एक्शन :
72 वर्षीया मोहनी अपने पति के बनाए मकान में रहती हैं। उनका बेटा अलग रहता है। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने इस पर कोई भी एक्शन नहीं लिया, जिसके बाद पीड़िता काफी परेशान हुई। इसके बाद पीड़िता ने वकील के माध्यम से न्यायालय में परिवाद दायर किया। न्यायालय ने मामले में एफआईआर करने का आदेश दिया। तब पुलिस ने आरोपी भरत के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक बैरनबाजार निवासी मोहनी होतवानी के पति के अमरलाल होतवानी ने एलआईसी ऑफ इंडिया से लोन लेकर अपना मकान बनाया था। लोन की पूरी राशि वर्ष 2006 तक चुका दी गई थी। उनकी वर्ष 2022 में मौत हो गई। वर्ष 2024 में मोहनी को पंजाब एंड सिंध बैंक का नोटिस मिला। इसमें उस मकान को गिरवी रखकर लोन लेने की जानकारी थी। मोहनी हैरानी जताते हुए अपने बेटे भरत होतवानी से पूछा, तो भरत ने किसी भी प्रकार से लोन लेने इसे इंकार कर दिया, वह इस बात को मानने को तैयार ही नहीं था कि उसने मृत पिता के नाम पर कोई लोन लिया है। इसके बाद मोहनी ने बैंक वालों से जानकारी ली और लोन संबंधी दस्तावेजों निकलवाये। इससे पता चला कि भरत ने अपने पिता अमरलाल के फर्जी हस्ताक्षर करके उस मकान को बैंक में बंधक रख दिया है। लोन की राशि से अपना घर भी बनवा लिया है, लेकिन लोन की किश्तें नहीं चुका रहा है।



