केलों की आड़ में हो रही थी गांजे की तस्करी, पकड़ाया करोड़ों रूपये का गांजा, सामने आई चौंकाने वाली जानकारी।

पिथौरा : देशभर में गांजे का प्रमुख उत्पादक राज्य ओड़िशा को माना जाता है, जो कि छत्तीसगढ़ की सीमा रेखा से लगता है, ऐसे में राज्य में एक अनुमान के मुताबिक लगभग वर्षभर में 500 करोड़ से ज्यादा का गांजा बिकता है, और जब्त होता है, हालाँकि छत्तीसगढ़ में हर साल अवैध गांजे की खपत का सटीक और आधिकारिक आंकड़ा सरकारी तौर पर जारी नहीं किया जाता है। ऐसे में छत्तीसगढ़ की महासमुंद पुलिस की ओर से अवैध मादक पदार्थों के व्यापार को जड़ से खत्म करने के लिए ‘सोर्स से लेकर डेस्टिनेशन तक’ मुहिम चलाई जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। बसना पुलिस ने 4.5 करोड़ रुपये के गांजा तस्करी सिंडिकेट के मुख्य सरगना और नशा माफिया विनय शर्मा उर्फ पंडित जी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। इसके पास से बड़ी मात्रा में गांजे की जब्ती हुई है।

केलों की आड़ में हो रही थी तस्करी :

मामले के अनुसार बसना पुलिस ने 17 अप्रैल को पलसापाली बैरियर पर नाकाबंदी कर एक आयशर माल वाहक वाहन (AP 39 TT 4556) को रोका था। पुलिस को चकमा देने के लिए वाहन में कच्चे केलों के नीचे छिपाकर 29 प्लास्टिक बोरियों में 912.760 किलो अवैध गांजा रखा गया था, जिसकी अनुमानित कीमत 4 करोड़ 56 लाख 38 हजार रुपये आंकी गई थी। वहीँ मौके से पुलिस ने 4 फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की थी। यह खेप ओडिशा के कंधमाल से लोड होकर उत्तर प्रदेश के शामली में आरोपी विनय शर्मा के पास पहुंचाई जा रही थी। छत्तीसगढ़ के रास्ते गांजे की तस्करी मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र जैसे राज्यों को की जाती है, जिसकी लगातार जब्ती छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा की जाती है।

तकनीकी विश्लेषण से खुला मास्टरमाइंड का राज :

इस मामले की विवेचना के दौरान पूर्व में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ और आरोपी रामजी ठाकुर के मोबाइल के जांच में यह साफ हो गया कि इस पूरे काले कारोबार का मुख्य रिसीवर और फायनेंसर विनय शर्मा ही है। इसके बाद बसना थाना से एक विशेष पुलिस टीम उत्तर प्रदेश भेजी गई, जिसने 17 जून को आरोपी को धर दबोचा गया था। शामली का रहने वाला आरोपी विनय शर्मा (50) मूल रूप से शराब, भांग और गांजे के अवैध व्यापार का बड़ा सरगना है। वह कई राज्यों में 10 से अधिक शराब ठेकों की आड़ में इस अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट को संचालित कर रहा था।

इस मामले में मुख्य आरोपी विनय शर्मा को शामली (उत्तर प्रदेश) की माननीय न्यायालय के सामने पेश कर ट्रांजिट रिमांड स्वीकृत करा लिया गया है। बसना पुलिस की टीम आरोपी को महासमुंद ला रही है, जिससे पूछताछ में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

पुलिस की गिरफ्त में आया पूरा सिंडिकेट :

महासमुंद पुलिस इस मामले में ‘एंड-टू-एंड’ कार्यवाही करते हुए सप्लायर से लेकर खरीदार तक सबको जेल भेज चुकी है :

  • विनय कुमार शर्मा उर्फ पंडित जी, मुख्य रिसीवर एवं सरगना (यूपी), 17 जून 2026 को हुआ गिरफ्तार।
  • अब्दुल नईम (निवासी झारखंड), कैरियर/वाहन चालक, 17 अप्रैल 2026 को हुआ था गिरफ्तार।
  • राम कुमार सिंह उर्फ रामजी ठाकुर, मुख्य बिचौलिया (मिडिलमैन), 24 अप्रैल 2026 को हुआ था गिरफ्तार।
  • रमाकांत बेहरा (निवासी कंधमाल, ओडिशा), मुख्य गांजा सप्लायर, 24 अप्रैल 2026 को हुआ था गिरफ्तार।
  • बबूल नायक (निवासी कंधमाल, ओडिशा), मुख्य गांजा सप्लायर, 14 मई 2026 को हुआ था गिरफ्तार।

अब तक की कुल जब्ती :

  • 912.760 किलोग्राम अवैध गांजा।
  • एक आयशर प्रो 2059 माल वाहक गाड़ी (AP 39 TT 4556)
  • 04 फर्जी नंबर प्लेट्स।