तीन शादियों के बाद चौथे प्रेमी के चक्कर में तीसरे पति को उतारा मौत के घाट।

नरसिंहपुर (म.प्र.) : जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपनी चौथी शादी के रास्ते का रोड़ा हटाने के लिए अपने तीसरे पति की बेरहमी से हत्या करवा दी है। नरसिंहपुर पुलिस ने महज कुछ ही घंटों के भीतर इस ‘अंधे कत्ल’ का सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और एक अन्य साथी को गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली थाना क्षेत्र में ग्राम कठोतिया के बारूरेवा पुल के पास एक 40 वर्षीय ग्रामीण पुरुष का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। जिसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मृतक ग्रामीण के शव की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से की, जिसके बाद परिजनों की मौजूदगी में आगे की कार्यवाही बढ़ाई गई है। 

सोशल मीडिया से पता चला मृतक की जानकारी :

जानकारी अनुसार मृतक का नाम तुलसीराम पिता डोरीलाल मेहरा है जो बहोरीपार का निवासी था। वह शाम को अपने घर में परिवार के सदस्यों को बता कर गया था कि वह अपने मंझले भाई से मिलने करेली जा रहा है। जिसके बाद वह घर नहीं लौटा, चिंतित परिजनों ने उसकी खोजबीन की लेकिन उसका पता नहीं चला और फिर परिवार के सदस्यों को इस घटना के बारे में सोशल मीडिया पर आई तस्वीरों के माध्यम से पता चला। आपको बता दें कि जब पुलिस को घटना होने की सूचना प्राप्त हुई तो पुलिस ने मृतक के शव की तस्वीरें लेकर सोशल मीडिया व्हाट्सएप सहित अन्य प्लेटफार्मों पर शेयर की थी। 

मृतक के गले में काले निशान :

वहीं इस घटना से पुलिस को हत्या की आशंका जाहिर हो रही है फिलहाल पुलिस द्वारा परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को सौंपा गया है और मामले को जांच में लिया है। वहीं पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मृतक के परिजनों से पूछताछ जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्यवाही की जा सकेगी।

तीन शादियां, अवैध संबंध और हत्या की साजिश :

  • विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि तुलसीराम और उसकी 35 वर्षीय पत्नी सरोज मेहरा के बीच काफी समय से चरित्र को लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा था।
  • बताया गया है कि, सरोज की यह तीसरी शादी थी। पहली शादी 18 साल पहले जबलपुर के चरगुंवा में हुई थी।
  • इसके बाद उसने गाडरवारा के पुरगुंवा में दूसरी शादी की, लेकिन बीमारी के कारण दूसरे पति की मृत्यु हो गई। लगभग एक वर्ष पूर्व उसने तुलसीराम से तीसरी शादी की।
  • इसी बीच सरोज का संपर्क अपने दूसरे पति के रिश्तेदार 43 वर्षीय महेंद्र मेहरा (निवासी पुरगुंवा) से हुआ, जो खुद शादीशुदा था और अपनी पत्नी से तलाक लेने की तैयारी में था।
  • दोनों के बीच अवैध संबंध बन गये थे और वे चौथी शादी करने की नीयत से तुलसीराम को रास्ते से हटाने की साजिश रचने लगे।
  • इस साजिश में उन्होंने महेंद्र के परिचित 30 वर्षीय विष्णु रजक को भी शामिल किया गया था, जिसका पुरगुंवा में ननिहाल था।

अस्पताल की खबर सुनकर भी नहीं आई पत्नी, वहीं से गहराया शक :

  • हत्या शव मिलने के बाद पुलिस ने जब सरोज को फोन कर गुमराह करने के लिए कहा कि “आपका पति घायल है और अस्पताल में भर्ती है”, तो इसके बावजूद वह अपने पति को देखने अस्पताल नहीं पहुंची।
  • पत्नी की इस संवेदनहीनता ने पुलिस के कान खड़े कर दिये और जब उससे गहन पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
  • वहीँ मामले की पूछताछ में सामने आया है कि योजना के मुताबिक विष्णु रजक मृतक तुलसीराम को शराब पिलाने के बहाने वारूरेवा नदी पुल के पास ले गया था।
  • वहां पहले से घात लगाकर बैठा महेंद्र भी पहुंच गया। दोनों ने मिलकर रस्सी से तुलसीराम का गला घोंट दिया और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को झाड़ियों में फेंककर फरार हो गये थे।