बिजली व्यवस्था 1 अगस्त से होगी प्रीपेड, पहले होगा रिचार्ज और फिर जलेगी बिजली।

1 अगस्त से सरकारी दफ्तरों में प्रीपेड बिजली व्यवस्था

बस्तर : स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब विभाग का बड़ा फायदा होने जा रहा है, जहाँ पहले सरकारी विभागों का भुगतान लम्बे समय तक रुक जाता था, अब वह नहीं रुकेगा। सरकारी कार्यालयों में बिजली उपयोग की व्यवस्था अब पूरी तरह से बदलने जा रही है। एक अगस्त से स्मार्ट मीटर के जरिए प्रीपेड बिजली प्रणाली लागू होगी, जिससे पहले लोगों को अपना मीटर रिचार्ज करना होगा और फिर बिजली जलेगी। इस पहले चरण में ब्लॉक और उससे ऊपर के सभी शासकीय कार्यालय इससे जुड़ेंगे।

रीचार्ज खत्म होने से पहले विभाग एसएमएस और व्हाट्सएप पर अलर्ट भेजेगा, इसके साथ ही दैनिक बिजली खपत और शेष राशि ऐप पर भी देखी जा सकेगी। 30 जून तक के बकाया बिजली बिल को फ्रीज कर किश्तों में जमा करने की सुविधा भी मिलेगी। नई व्यवस्था से पुराने बकाया भुगतान का दबाव कम होगा। समूह आधारित बैलेंस व्यवस्था से व्यक्तिगत कार्यालय की बिजली तुरंत नहीं कटेगी। आपात स्थिति में सात दिनों के लिए अस्थायी कनेक्शन बहाल कराने की सुविधा भी रहेगी। रीचार्ज होने के बाद अधिकतम एक घंटे में बिजली स्वतः चालू हो जायेगी. तकनीकी समस्या होने पर हेल्पलाइन के जरिए त्वरित समाधान मिलेगा।

सरकार का उद्देश्य बिजली प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है, हालाँकि इसका कोई सीधा फायदा उपभोक्ताओं को नहीं मिल सकेगा, लेकिन जो लोग लम्बे समय तक घर छोड़कर बाहर रहते है, उनके लिये लाभप्रद हो सकता है, जिसमें मिनिमम बिल चुकाना अनिवार्य रहता है। वहीँ इसका मुख्य लाभ बिजली विभाग को ही मिलेगा, आम आदमी के लिये सिर्फ इतना ही बदलेगा की उसे पहले भुगतान करना होगा। अब धीरे-धीरे यह व्यवस्था सभी पर लागू कर दी जायेगी।