धरसींवा : अधिकांश तालाबों में जलकुम्भी जम जाती है और नदी के मुहाने पर भी यह लगातार बढ़ती ही रहती है, ऐसे में नदी और तालाबों कि सफाई कि जरूरत होती है, जिससे जिससे जल दूषित होने से बचें वहीँ, सामने आये मामले के अनुसार, रायपुर जिले के धरसींवा क्षेत्र स्थित पठारीडीह गांव में आज खारुन नदी में जलकुंभी के बीच फंसने से 20 से अधिक मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। नाराज ग्रामीणों ने नदी पर बने पुल पर चक्काजाम कर दिया, जिससे रायपुर, दुर्ग और बेमेतरा को जोड़ने वाले मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार, खारुन नदी में जलकुंभी से पूरी तरह पट चुकी है। वहीं मंगलवार को गांव के मवेशी जलकुंभी को घास का मैदान समझकर नदी में उतर गये। जलकुंभी के घने और गहरे जाल में फंसने के कारण वे बाहर नहीं निकल सके और उनकी फंसकर मौत हो गई।
गुस्साए ग्रामीणों ने किया चक्काजाम :
इस घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पठारीडीह में नदी पर बने पुल पर चक्काजाम कर दिया। इससे रायपुर, दुर्ग और बेमेतरा को जोड़ने वाले मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खारुन नदी की सफाई और जलकुंभी हटाने की मांग की है।
खारुन नदी में बढ़ते प्रदूषण और जलकुंभी की समस्या को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों, पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसका परिणाम आज 20 से अधिक मवेशियों की जान चली गई।



