खाद्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से नकली पनीर बनाने का आरोप, छापा मारकर भाटागांव में सैंपल जब्त।

रायपुर : बाज़ार में बिकने वाला हर खाद्य पदार्थ लगभग नकली है अथवा गुणवत्ताहीन है, जो आम आदमी की सेहत से बड़ा खिलवाड़ है, जनसँख्या के हिसाब से दूध का उतना उत्पादन नहीं है, जितनी जरूरत है, ऐसे में पनीर कि आपूर्ति बहुत ज्यादा हो रही है, तो आखिर इतना पनीर आ कहाँ से रहा है, ये सवाल उठता है। आपको बता दें कि राजधानी में पनीर क औसतन रोजाना खपत लगभग 150 टन है, जो नकली पनीर कि आपूर्ति से पूरा हो रहा है। इसी को लेकर राजधानी रायपुर के भाठागांव क्षेत्र में केमिकल की मदद से नकली पनीर बनाए जाने की शिकायत मिलने पर खाद्य विभाग की टीम ने सैंपल जब्त किया है। इस मामले में कांग्रेस का आरोप है कि फैक्ट्री में बिना दूध के पनीर तैयार किया जा रहा था। इस पूरे मामले का वीडियो साक्ष्य होने का दावा भी किया गया है, जिससे इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। राजधानी में ऐसे कई मामले सामने आ चुके है, जहाँ टनों की मात्रा में नकली पनीर पकड़ाया है।

इस मामले में कांग्रेस नेता नवाज खान के आरोप के मुताबिक, फैक्ट्री संचालक ने कैमरे पर यह स्वीकार किया है कि उसकी संबंधित अधिकारियों से सेटिंग है, जिसके चलते उसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती, वह बेख़ौफ़ होकर ये काम करता है। इस बयान के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जिसको लेकर कांग्रेस नेता नवाज का कहना है कि मामले की सूचना मिलने के बावजूद खाद्य विभाग की टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान फैक्ट्री संचालक ने तैयार माल और अन्य सामग्री को आनन-फानन में छिपा दिया।

कार्यवाही नहीं होने पर कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी :

इस मामले को लेकर युवा कांग्रेस ने प्रशासन से 24 घंटे के भीतर फैक्ट्री को सील करने और संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में कार्यवाही नहीं हुई तो खाद्य विभाग का घेराव किया जायेगा।

जांच के लिए सैंपल जब्त किया गया है : खाद्य अधिकारी

इस मामले में खाद्य अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता का कहना है कि नकली पनीर की शिकायत के आधार पर छापा मारा गया था, जहां से जांच के लिए सैंपल जब्त कर लैब भेजा गया है। फाईनल रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि पनीर असली है या नकली है। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी।