गरियाबंद : किसी भी प्रकार की कोई व्यवस्था करना आसान काम नहीं होता है, वहीँ कुछ ना कुछ कमियां जरुर रह जाती है, जिसे खुले दिल से स्वीकार करना पड़ता है, जो व्यक्ति अथवा संस्था जिम्मेदारी लेती है, उसी पर द्वेषवश या किसी अन्य कारण से आरोप लगाये जाते है, जब किसी का गोरखधंधा बंद हो जाता है तो वह भी बिलबिलाने लगता है, ऐसे में कौन सही और कौन गलत, इस बात को तय करने के लिये सच्चाई जानना जरुरी होता है, ऐसे ही आरोपों से घिरी गौशाला को लेकर गौसेवक ओमेश बिसेन ने कहा है कि अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय खुद गौशाला आकर उक्त मामले की सच्चाई देखे लें, आपको किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं मिलेगी, कई बार थोडा बहुत कार्य बढ़ने पर व्यवस्था जरुर गड़बड़ा जाती है, उसको भी ठीक करने का प्रयास किया जाता है।
गौसेवक ओमेश बिसेन ने कहा जबरदस्ती बदनाम किया जा रहा सच्चाई खुद आकर देख लें :
इस मामले में गौसेवक ओमेश बिसेन ने गौशाला की व्यवस्था को लेकर अपना पक्ष रखा है, उन्होंने कहा है कि कुछ तथाकथित न्यूज़ पोर्टल वाले गौ शाला को ब्लैक मेलिंग कर उगाही करना चाहते है। जिसकी पूर्ति न होने पर भ्रामक समाचार बनाकर फैलाया गया। इस मामले में वेटनरी विभाग ने पूर्ण रूप से जांच पड़ताल की गई तो सारी खबर भ्रामक निकली। गौ शाला संचालन लंबे समय से हर विषम परिस्थिति में हो रहा है।।जिसने ग्रामीणों का भी भरपूर सहयोग बारी से मिल रहा है।।गौ शाला नदी के तट में होने की वजह से थोड़ी विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। संचालक दल पूरी मुस्तैदी से गौ संरक्षण व संवर्धन के वर्षों से लगे हुए है।।चारा गौ भोजन प्रयाप्त रहता है समय समय पर वेटनरी विभाग भी जांच में आता रहते है।
इस मामले में प्रांत गौ रक्षा संवर्धन प्रमुख ओमेश बिसेन ने आगे बताया है कि कुछ उपद्रवी तत्व गौ शाला को रेवड़ी समझ कर ब्लैक मेलिंग का साधन बनाना चाहते है और वेब पोर्टल न्यूज के माध्यम से दबाव बनाने का कार्य करते है। जबकि उन लोगों को गौ संवर्धन व संरक्षण में सहयोग करना चाहिये क्योंकि गौ धन पालन सभी का कर्तव्य है। आरोपों से गौ धन की व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करना कुछ लोगों कार्य रहता है। इससे भ्रम फैलता है और लोगों में गलत जानकारी लोगो जाती है, जिससे गौसेवा पर गहरा असर पड़ता है, इसलिये ऐसे कृत्य करने वालों को सबक सिखाया जाना चाहिये जो पत्रकारिता की आड़ में अवैध वसूली का कार्य करते है, इसी तरह चंद पत्रकार अवैध उगाही की आड़ में ये गोरखधंधा कर रहे है, जिससे राष्ट्र का चौथा स्तम्भ बदनाम होने लगा है, और ईमानदारी पत्रकारों को भी गलत निगाह से देखा जाने लगा है।



