मृत उपभोक्ताओं के नाम पर चल रहे बिजली कनेक्शनों को लेकर की जायेगी कार्यवाही, 2.03 लाख कनेक्शनों की होगी ई-केवाईसी।

कवर्धा : समय-समय पर पहचान सुनिश्चित करना जरुरी होता है, ऐसे में कवर्धा जिले के 2 लाख 3 हजार 931 बिजली कनेक्शनों की अब पहचान जांच होगी। जिसको लेकर छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड 1 सितंबर 2026 से सभी विद्युत उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इस प्रक्रिया का सबसे अहम पहलू यह है कि बिजली कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज उपभोक्ता और वर्तमान में कनेक्शन का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की पहचान का सत्यापन किया जायेगा। इससे जिले में कितने कनेक्शन वास्तविक उपभोक्ताओं के नाम पर हैं और कितने रिकॉर्ड लंबे समय से अपडेट नहीं हुए हैं, इसका भी पता चलेगा। यदि किसी अन्य के नाम पर कनेक्शन चल रहा होगा तो आवश्यक कार्यवाही भी की जायेगी।

ई-केवाईसी के दौरान ऐसे कनेक्शन भी चिन्हित किए जाएंगे, जो उपभोक्ता की मृत्यु के बाद भी उसके नाम पर दर्ज हैं। कई मामलों में परिवार के सदस्य या अन्य व्यक्ति कनेक्शन का उपयोग करते रहते हैं, लेकिन बिजली कंपनी के रिकॉर्ड में नाम नहीं बदला जाता। ऐसे मामलों में वर्तमान उपयोगकर्ता की पहचान सामने आने के बाद नियमानुसार रिकॉर्ड अपडेट और नाम परिवर्तन की प्रक्रिया की जा सकेगी।

ई-केवाईसी केवल उपभोक्ता की पहचान सत्यापित करने तक सीमित नहीं रहेगी। इसके जरिए ऐसे कनेक्शनों की भी पहचान करने में मदद मिलेगी, जिनकी उपभोक्ता संबंधी जानकारी लंबे समय से अपडेट नहीं है अथवा जिनका इस्तेमाल अनधिकृत तरीके से किया जा रहा है। यानी अब बिजली कंपनी के पास जिले के कनेक्शनों का अधिक प्रमाणिक और अद्यतन डेटाबेस तैयार होगा। ऐसी स्थिति में सभी उपभोक्ताओं को अपडेट करवाना जरुरी होगा।

तीन तरीकों से करा सकेंगे ई-केवाईसी :

वहीँ उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी के लिए बिजली दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी, घर बैठे ही यह पूरा हो जायेगा। कंपनी ने इसके लिए तीन विकल्प रखे हैं। उपभोक्ता मोर बिजली मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे ऑनलाइन ई.केवाईसी कर सकेंगे। यह सीएसपीडीएल का आधिकारिक मोबाइल ऐप है और इसमें बिजली कनेक्शन की जानकारी से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इसके अलावा उपभोक्ता नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय पहुंचकर अधिकृत कर्मचारियों के माध्यम से सत्यापन करा सकेंगे। तीसरे विकल्प में मीटर रीडर उपभोक्ता के घर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करेगा। पहचान का सत्यापन आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ओटीपीए फिं गरप्रिंट अथवा फेस ऑथेंटिकेशन से किया जा सकेगा।

पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क :

विद्युत कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी के लिए उपभोक्ताओं से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। कंपनी ने उपभोक्ताओं को आगाह किया है कि ई-केवाईसी के नाम पर किसी व्यक्ति को पैसे न दें और न ही किसी संदिग्ध लिंक या अनधिकृत ऑनलाइन माध्यम का इस्तेमाल करें। केवल मोर बिजली ऐप, अधिकृत बिजली कार्यालय या अधिकृत मीटर रीडर के माध्यम से ही प्रक्रिया पूरी कराएं। 1 सितंबर से शुरू होने वाली यह प्रक्रिया कबीरधाम के 2.03 लाख कनेक्शनों के रिकॉर्ड को नए सिरे से प्रमाणित और अपडेट करने की कवायद है। इससे वैध उपभोक्ताओं की पहचान सुनिश्चित होने के साथ मृत उपभोक्ताओं के नाम पर दर्ज कनेक्शन और अनाधिकृत उपयोग जैसे मामलों को भी सामने लाने में कंपनी को मदद मिलेगी। ऐसे में समय रहते सभी उपभोक्ताओं को नये सिरे से ईकेवायसी करवा लेना चाहिये।