रायपुर : राजधानी में धर्मांतरण का एक नया मामला सामने आया है, जिससे क्षेत्र में बवाल खड़ा हो गया है। यह घटना खमतराई पुलिस स्टेशन के क्षेत्र में भनपुरी में हुई है, जहां एक रिहायशी घर के अंदर दर्जनों लोगों की भीड़ संदिग्ध रूप से जमा हुई थी, जिसको लेकर आरोप है कि प्रार्थना सभा की आड़ में लोगों को लालच देकर और गुमराह करके उनका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की जा रही थी। इस गतिविधि का पता चलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया और समूह की शिकायत पर तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है।
मामले के अनुसार भनपुरी क्षेत्र स्थित सेंधवार तालाब के पास महतारी चौक पर उस वक्त भारी तनाव फैल गया जब एक मकान के अंदर करीब 30 लोगों के जुटने की सूचना मिली थी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि वहां किसी धार्मिक कार्यक्रम की आड़ में चुपचाप मतांतरण कराया जा रहा था और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही थीं। इस मामले की भनक लगते ही छत्तीसगढ़ बजरंग दल के कार्यकर्ता तुरंत मौके पर पहुंच गए और उन्होंने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और करीब 12 लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले आई।
इस मामले बताया गया है कि, गांधी चौक न्यू आनंद नगर में रहने वाला 32 वर्षीय तरेन्द्र कुमार वर्मा मोबाईल दुकान चलाता है, जहाँ सुषमा कौशिक, लक्ष्मी निषाद और सुरेखा रंगारे की युवक से पहले ही जान पहचान है। ये तीनों महिलाएं का युवक के मोबाईल दुकान पर आना-जाना लगा रहता था। आरोप है कि तीनों ने हिंदू धर्म को लेकर आपत्तिजनक बातें कहीं और ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा।
पुलिस को शिकायत में तरेन्द्र ने यह भी बताया है कि महिलाओं ने यीशु की प्रार्थना करने से दुख-दर्द और बीमारी दूर होने की बात कही और सुषमा ने उसे अपने घर में प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए बुलाया था, जहाँ 21 अगस्त को दोपहर करीब 2:30 बजे वह सुषमा के घर के पास पहुंचा, जहां सभी लोग प्रार्थना कर रहे थे. फिर सुषमा उसे अंदर लेकर गई। वहां करीब 20-25 लोग प्रार्थना कर रहे थे। सुषमा, लक्ष्मी और सुरेखा ईसाई धर्म अपनाने के लिए उसे कहा और प्रार्थना की शक्तियों के बारे में जानकारी दी। इस घटना के बाद तरेन्द्र ने अपने दोस्तों को पूरी बात बताई।
थाने में हंगामा और पुलिस कार्यवाही :
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना था कि पुलिस ने पुराने कानूनों के तहत खानापूर्ति की है, जबकि प्रदेश में लागू नए और कड़े धार्मिक स्वतंत्रता कानून के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर कार्यकर्ता बड़ी संख्या में खमतराई थाने में डटे रहे। पुलिस ने मकान से मिले सभी लोगों से पूछताछ कर तथ्यों की गहनता से जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने क्षेत्र में एक बार फिर मतांतरण के मुद्दे को गर्म कर दिया है। पुलिस प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है। तीनों के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए हिंदू संगठन के लोग खमतराई थाने पहुंचे थे और इसी दौरान मसीही समाज के लोग भी विरोध में वहां पहुंच गये, थाना परिसर में दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी और रातभर थाने में डटे रहे।



