नशे में चूर होकर दौड़ाता रहा स्कूल बस, बच्चों के परिजनों ने पकड़ा और फिर….।

बलरामपुर : आमतौर पर दुर्घटनाएं इतनी आसानी से नहीं होती , लेकिन जब लापरवाही बरती जाती है, तो दुर्घटना भी घट जाती है, जहाँ सवारी वाहन चालकों की बड़ी जिम्मेदारी होती है कि यात्रियों को सही सलामत उनके गन्तव्य स्थल तक पहुंचायें तो वहीँ बच्चों वाहन के लिये यह बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है, वहीँ सामने आये मामले के अनुसा बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र से स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ सेंट जेवियर्स स्कूल राजपुर की बस को कथित तौर पर शराब के नशे में चला रहे ड्राइवर को अभिभावकों ने पकड़ लिया। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक स्कूल बस बच्चों को लेकर जा रही थी। इसी दौरान बचवार के पास कुछ अभिभावकों को बस चालक के नशे में होने का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने बस को रोककर चालक को घेर लिया। बताया जा रहा है कि चालक की हालत देखकर अभिभावक काफी नाराज हुए और उन्होंने तत्काल मामले की जानकारी पुलिस को दी, वहीँ पुलिस कार्यवाही पर्याप्त ना होने से पालकों को नागवार गुजरी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल :

स्कूल बस में बच्चों की मौजूदगी के दौरान चालक के कथित तौर पर नशे में बस चलाने की घटना ने स्कूल प्रबंधन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इसको लेकर अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार चालक और स्टाफ की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। इसके बावजूद यदि कोई चालक नशे की हालत में बस चलाता है तो यह बच्चों की जिंदगी के साथ गंभीर खिलवाड़ है। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस द्वारा चालक के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही करने की बात कही गई, जो कि पालकों को पर्याप्त नहीं लगी। चालक वास्तव में नशे में था या नहीं, इसकी पुष्टि पुलिस की जांच और मेडिकल परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। 

स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही पर भी सवाल :

इस घटना के बाद अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाली बसों के चालकों की फिटनेस, व्यवहार और नशे की स्थिति की नियमित जांच होनी चाहिए। अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूल प्रबंधन इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराए और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया जाये, अगर किसी गलती से बस दुर्घटनाग्रस्त हो जाती तो किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता, जो मासूम बच्चों की जान जोखिम में डालने वाला काम है।