राजधानी में गणेश पंडालों के लिये नियम जारी, ना मानने पर होगी कार्यवाही।

रायपुर : राजधानी में चाकूबाजी गुंडागर्दी काफी बढ़ गई है, वहीँ गणेश जी के दर्शनों के लिये लोग परिवार सहित निकलते है, ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसी को लेकर गणेश उत्सव के दौरान शहर में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में बुधवार को यातायात सभागार, कालीबाड़ी में पुलिस अधिकारियों और गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर की करीब 50 गणेश उत्सव समितियों के लगभग 100 पदाधिकारी शामिल हुए।

पुलिस अधिकारियों ने समितियों को निर्देश दिया गया है कि गणेश पंडाल के लिए सुरक्षित और उपयुक्त स्थान का चयन किया जाए। आवश्यकतानुसार पुलिस, प्रशासन, नगर निगम और संबंधित विभागों से अनुमति एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया जाए। पंडाल ऐसी जगह नहीं बनाया जाए, जहां से बिजली के तार गुजर रहे हों या ट्रांसफार्मर बेहद नजदीक हो, दुर्घटना की कोई आशंका हो।

नहीं माने निर्देश तो होगी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही :

अग्निकांड की घटनाओं को रोकने के लिए पंडाल में फायर एक्सटिंग्विशर रखना अनिवार्य किया गया है। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से पंडाल और आपास के महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जो समितियां इनका पालन नहीं करेंगी उनपर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। बड़े गणेश पंडालों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकासी के अलग-अलग रास्ते बनाने को कहा गया है, जिससे भीड़ इकट्ठी ना हो। पंडाल में प्राथमिक उपचार पेटी और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था रखने के साथ नजदीकी अस्पताल, पुलिस थाना, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन नंबर भी प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। दर्शन के दौरान भीड़ को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने और एक ही स्थान पर भीड़ जमा नहीं होने देने पर विशेष जोर दिया गया। प्रसाद वितरण के लिए मुख्य दर्शन मार्ग से अलग स्थान निर्धारित करने की सलाह दी गई है।

महिला वालंटियर भी रहेंगी तैनात :

गणेश उत्सव समितियों को पर्याप्त संख्या में वालंटियर नियुक्त करने और सभी वालंटियरों को पहचान-पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला वालंटियरों की भी तैनाती करने कहा गया है। पुलिस ने समितियों से अपील की कि वालंटियर पंडाल परिसर और भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें। शराब या किसी अन्य प्रकार के नशे का सेवन कर पंडाल में पहुंचने वाले लोगों को प्रवेश नहीं देने के लिए भी समितियों को निर्देशित किया गया है, नशे में आने वाले लोग विवाद का कारण बनते है, जिससे झगड़ा आदि होने की आशंका बनी रहती है।

सड़क पर पार्किंग हुई तो बिगड़ेगा ट्रैफिक :

इस बैठक में यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष चर्चा हुई। पुलिस ने समितियों से कहा कि दर्शनार्थियों और आयोजकों के वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था पंडाल से अलग निर्धारित स्थान पर की जाए। मुख्य सड़क पर वाहनों की बेतरतीब पार्किंग नहीं होने दी जाए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि गणेश उत्सव के दौरान आम लोगों के आवागमन में परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता हमेशा खुला रखना होगा।

विसर्जन झांकी में हथियार लेकर चलने पर रोक :

गणेश विसर्जन के दौरान भी समितियों को निर्धारित मार्ग, स्थान और समय का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजे का उपयोग निर्धारित नियमों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप करने को कहा गया है। विसर्जन झांकी में नशे का सेवन नहीं करने की हिदायत भी दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि विसर्जन झांकी में किसी भी प्रकार का धारदार हथियार या आपत्तिजनक वस्तु लेकर नहीं चला जा सकेगा। समितियों को निर्धारित क्रम और लाइन में विसर्जन झांकी निकालने तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने कहा गया। इसके अलावा पटाखों, ज्वलनशील पदार्थों अथवा आग से संबंधित प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस भी इस समय मुस्तैद रहेगी।