रायपुर : राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी थाने में हुई तोड़फोड़ और थाना प्रभारी (टीआई) नरेंद्र साहू के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में बुधवार को शहर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पहुंचे कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने थाने के मुख्य द्वार पर करीब तीन घंटे तक धरना दिया और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस घटना के 24 घंटे बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित कांग्रेस ने गृह मंत्री विजय शर्मा और स्थानीय भाजपा विधायकों पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।
प्रमुख बिंदु :
- नैतिक समर्थन की पहल: कांग्रेस कार्यकर्ता टीआई नरेंद्र साहू और पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के लिए फूलों का गुलदस्ता लेकर पहुंचे थे, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें थाने के बाहर ही रोक दिया।
- राजनीतिक दबाव के आरोप: कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि घटना के बाद जब्त की गई डीजे गाड़ी और आरोपियों के वाहनों को राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद छोड़ दिया गया।
- सीसीटीवी फुटेज की मांग: मामले की सच्चाई जनता के सामने लाने के लिए थाने का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग उठाई गई।
थाने के गेट पर दो घंटे तक चला धरना :
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए थे। चार से पांच थानों के टीआई और एएसपी पूर्णिमा लांबा के नेतृत्व में भारी बल तैनात कर कांग्रेसियों को थाने के बाहर रोक दिया गया। टीआई से मिलने और गुलदस्ता देने की अनुमति न मिलने पर नाराज कार्यकर्ता मुख्य द्वार पर ही धरने पर बैठ गए और दो घंटे तक नारेबाजी करते रहे। कार्यकर्ताओं ने तख्तियां लहराते हुए रायपुर को ‘अपराधपुर’ और ‘गुंडापुर’ बनाने का आरोप लगाया।
गृह मंत्री और स्थानीय विधायकों पर साधा निशाना :
धरने को संबोधित करते हुए शहर अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री पिछले 32 महीनों में अपराध नियंत्रण में पूरी तरह विफल रहे हैं और समीक्षा बैठकों के बजाय केवल प्रचार तक सीमित हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी में टीआई स्तर के अधिकारी और उनका कार्यालय तक सुरक्षित नहीं है।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और पूर्व जिला अध्यक्ष पंकज शर्मा ने स्थानीय विधायकों राजेश मूणत और मोतीलाल साहू की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे उपद्रवियों को खुला संरक्षण करार दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाकर कानूनी कार्यवाही रोकी जा रही है।
72 घंटे का अल्टीमेटम :
तीन घंटे तक चले गतिरोध के बाद एएसपी आदित्य पांडेय मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने का आग्रह किया। टीआई नरेंद्र साहू को सामने न लाए जाने पर कांग्रेस नेताओं ने वह गुलदस्ता एएसपी आदित्य पांडेय और डीसीपी पूर्णिमा लांबा को सौंपा। कांग्रेस ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 72 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो शहर कांग्रेस पुलिस आयुक्त कार्यालय का घेराव करेगी।



