नई दिल्ली: उत्तरी अरब सागर में 15 सितंबर 2026 को भारतीय नौसेना के फ्रंटलाइन ‘कोलकाता क्लास’ गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर और पाकिस्तानी नौसेना के गश्ती जहाज ‘PNS हुनैइन’ के बीच समुद्र में सीधी टक्कर हो गई। पाकिस्तानी जहाज की असुरक्षित और गैर-पेशेवर पैंतरेबाजी के चलते हुई इस टक्कर में पाकिस्तानी युद्धपोत के अगले हिस्से को गंभीर नुकसान पहुंचा है और उसे मरम्मत के लिए वापस अपने बेस लौटना पड़ा। वहीं, भारतीय युद्धपोत पूरी तरह सुरक्षित रहा और उसने अपना ऑपरेशनल मिशन जारी रखा। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव गहरा गया है और भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तानी राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
घटनाक्रम: निगरानी मिशन पर था भारतीय युद्धपोत :
भारतीय नौसेना के अनुसार, 15 सितंबर की शाम भारतीय युद्धपोत अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नियमित निगरानी (सर्विलांस) मिशन पर तैनात था।
- पाकिस्तानी नौसेना का यारमूक-क्लास ऑफशोर पेट्रोल वेसल ‘PNS हुनैइन’ उस इलाके में तेज गति से आगे बढ़ रहा था (पाकिस्तान का दावा है कि वह अपने ‘सी स्पार्क’ अभ्यास में शामिल था)।
- पाकिस्तानी युद्धपोत ने खतरनाक तरीके से भारतीय विध्वंसक के बेहद करीब आने की कोशिश की, जिसके कारण दोनों जहाजों के बीच टक्कर हो गई।
- टक्कर से PNS हुनैइन के अगले हिस्से में बड़ा डेंट और दरारें आने की खबर है। ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी पोत पर सवार चार कर्मी घायल हुए हैं।
- भारतीय विदेश मंत्रालय और नौसेना ने स्पष्ट किया है कि भारतीय वॉरशिप को कोई ढांचागत क्षति नहीं पहुंची है।
ताकत की तुलना: 7,400 टन बनाम 2,600 टन :
विशाखापट्टनम और कोलकाता क्लास के भारतीय युद्धपोत दुनिया के सबसे आधुनिक और भारी विध्वंसकों में गिने जाते हैं, जबकि पीएनएस हुनैइन केवल एक हल्का गश्ती जहाज है:
| क्षमता / विशेषता | भारतीय नौसेना: कोलकाता क्लास | पाकिस्तानी नौसेना: PNS हुनैइन |
| प्रकार | गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर (विध्वंसक) | ऑफशोर पेट्रोल वेसल (हल्का गश्ती पोत) |
| डिस्प्लेसमेंट (वजन) | लगभग 7,400 टन | लगभग 2,600 टन |
| लंबाई | 164 मीटर | 98 मीटर |
| अधिकतम गति | 30 नॉट | 25 नॉट |
| प्रमुख हथियार | ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलें, लॉन्ग-रेंज SAM, 76mm गन, AK-630 CIWS | 30mm नेवल गन, सीमित एयर-डिफेंस और एंटी-शिप मिसाइलें |
| रडार व सेंसर | 360-डिग्री एडवांस्ड मल्टी-फंक्शन रडार सिस्टम | सीमित निगरानी रडार व नेविगेशन सेंसर |
भारत ने पाकिस्तानी उच्चायोग के प्रभारी को किया तलब
घटना के तुरंत बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के चार्ज डी’अफेयर्स (प्रभारी) को तलब किया। भारत ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा नियमों और द्विपक्षीय समझौतों का खुला उल्लंघन बताया:
- 1991 के समझौते का उल्लंघन: भारत ने स्पष्ट किया कि यह हरकत अप्रैल 1991 में दोनों देशों के बीच हुए सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सेना की गतिविधियों की पूर्व सूचना से जुड़े समझौते के अनुच्छेद 10 का सीधा उल्लंघन है।
- संयम और सावधानी की हिदायत: भारत ने पाकिस्तान को सख्त हिदायत दी कि वह अपने नौसैनिक अधिकारियों तक कड़ा संदेश पहुंचाए ताकि भविष्य में ऐसी गैर-पेशेवर और उकसावे वाली हरकतों को रोका जा सके।
- इस्लामाबाद में भी विरोध: विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय मिशन को भी पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के समक्ष इसी प्रकार का औपचारिक कूटनीतिक विरोध दर्ज कराने का निर्देश दिया है।



