बिलासपुर : बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले मुख्य व्यावसायिक केंद्र गांधी चौक क्षेत्र में उस समय भारी अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति निर्मित हो गई, जब एक विक्षिप्त महिला ने अचानक मुख्य मार्ग पर उतरकर उग्र रूप धारण कर लिया और जमकर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। महिला का अप्रत्याशित और हिंसक तेवर देखकर सामान्य आवाजाही कर रहे आम नागरिक, वाहन चालक और स्थानीय दुकानदार भयभीत हो गए। कुछ ही पलों में व्यस्त रहने वाला यह पूरा क्षेत्र दहशत के साए में घिर गया।
दर्जनों वाहनों के शीशे तोड़े, ठेलों को पलटाकर मचाया तांडव :
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ने गांधी चौक क्षेत्र में कतार से खड़े वाहनों को अंधाधुंध निशाना बनाना शुरू किया। उसने पत्थरों और लोहे की रॉडनुमा वस्तु से सड़क किनारे खड़ी चार पहिया गाड़ियों, कारों और यात्री ऑटो रिक्शों के शीशे चकनाचूर कर दिए। इतना ही नहीं, महिला ने सड़क किनारे लगी फल, सब्जी और अन्य रोजमर्रा के सामानों की रेहड़ियों तथा ठेलों को बलपूर्वक पलट दिया, जिससे विक्रेताओं की सामग्री सड़क पर बिखर गई और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। महिला की आक्रामकता इतनी अधिक थी कि शुरुआती दौर में कोई भी नागरिक अथवा दुकानदार उसे रोकने के लिए आगे बढ़ने का साहस नहीं जुटा सका।
राहगीरों पर की ताबड़तोड़ पत्थरबाजी, सिर फटने से कई लोग लहूलुहान :
वाहनों को क्षतिग्रस्त करने के बाद महिला ने मार्ग से गुजर रहे निर्दोष पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों पर सीधे बड़े-बड़े पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इस अप्रत्याशित हमले से मार्ग पर अफरातफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए दुकानों की ओट में छिपने लगे। पत्थरबाजी की इस हिंसक घटना में कई राहगीरों के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। खून से लथपथ घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से प्राथमिक उपचार हेतु नजदीकी चिकित्सालय पहुंचाया गया। महिला के लगातार बढ़ते आक्रामक रवैये को देखते हुए क्षेत्र में लंबा जाम लग गया और लोग उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखने पर मजबूर हो गए।
युवक रौनक साव ने दिखाई जांबाजी, अपनी जान जोखिम में डालकर महिला को दबोचा :
जब स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर होती दिख रही थी और महिला किसी भी व्यक्ति पर जानलेवा प्रहार करने से इंकार नहीं कर रही थी, तभी मौके पर मौजूद रौनक साव नामक एक स्थानीय युवक ने अदम्य साहस और तत्परता का परिचय दिया। अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना रौनक बड़ी सावधानी से महिला की ओर बढ़ा और अचानक उसे दोनों हाथों से जकड़कर पूरी तरह काबू में कर लिया। इसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली और तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस टीम को महिला सौंप दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों का स्पष्ट कहना है कि यदि रौनक साव ने समय रहते ऐसा जोखिम भरा कदम उठाने की हिम्मत न दिखाई होती, तो जनहानि और भी भयावह हो सकती थी।
पुलिस ने शुरू की वैधानिक कार्यवाही, मनोरोग जांच की तैयारी
घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली थाना पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने उपद्रव शांत कराने के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों और घायलों का विवरण दर्ज किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में वैधानिक कानूनी कार्यवाही की जा रही है। चूंकि महिला की मानसिक स्थिति अत्यधिक असंतुलित प्रतीत हो रही है, इसलिए उसे चिकित्सीय परीक्षण एवं विशेषज्ञ परामर्श के लिए अस्पताल भेजा जा रहा है, ताकि नियमानुसार उचित कानूनी एवं चिकित्सकीय कार्यवाही पूरी की जा सके।
सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन पर गंभीर प्रश्नचिह्न
गांधी चौक क्षेत्र में घटी इस हिंसक घटना के बाद सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था और मानसिक रोगों से जूझ रहे असहाय व्यक्तियों के पुनर्वास को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि व्यस्ततम बाजारों और चौराहों पर इस तरह मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्तियों का लावारिस घूमना आम जनता की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। नागरिकों ने जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग और पुलिस से मांग की है कि ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्यवाही की जाए तथा उन्हें उचित देखरेख एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।



