रायपुर : राजधानी रायपुर और इसके समीपवर्ती क्षेत्रों में बीते कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जिससे संपूर्ण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही वर्षा और जलभराव के कारण जहां शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक हाहाकार मचा हुआ है, वहीं नदी-नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं।
महादेव घाट का पुल डूबा, पाटन मार्ग अवरुद्ध :
खारून नदी का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ने के कारण प्रसिद्ध महादेव घाट स्थित पुल पूरी तरह जलमग्न हो चुका है और नदी का तेज बहाव पुल के ऊपर से गुजर रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से महादेव घाट से पाटन जाने वाले मुख्य मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पुल के दोनों ओर पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग कर दी गई है ताकि कोई भी अप्रिय घटना न घटे। नदी से सटे आसपास के निचले क्षेत्र पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं, जिसके चलते प्रशासन द्वारा तटीय बस्तियों में राहत एवं बचाव से संबंधित आवश्यक कार्यवाही तेजी से शुरू कर दी गई है।
उफनती नाली में डूबने से 8 वर्षीय बालक की दर्दनाक मौत :
बारिश के बीच राजधानी के टिकरापारा क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक आठ वर्षीय बालक उफनती खुली नाली के तेज बहाव में बह गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोरों की टीम ने तत्काल कार्यवाही करते हुए खोजबीन अभियान चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे के शव को बरामद किया। इस हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। हालांकि प्रारंभिक तौर पर प्रशासन ने सुरक्षा प्रबंधों में ढिलाई के आरोपों से इंकार किया, लेकिन जनविरोध को देखते हुए संबंधित विभाग के खिलाफ जांच और सुरक्षात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
लालपुर फल मंडी में जलभराव से भारी नुकसान :
मूसलाधार बारिश का व्यापक असर व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ा है। शहर के लालपुर क्षेत्र में स्थित प्रमुख थोक फल मंडी में भारी मात्रा में पानी भर गया है। घुटनों तक भरे पानी के कारण फल और सब्जियों के गोदाम जलमग्न हो गए हैं, जिससे व्यापारियों का लाखों रुपये का माल सड़कर नष्ट हो गया है। मंडी परिसर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से व्यापार पूरी तरह ठप पड़ा है और व्यापारियों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है।
गंगरेल बांध से छोड़ा गया पानी, हजारों एकड़ फसलें तबाह :
इधर लगातार हो रही वर्षा के साथ-साथ गंगरेल बांध के कैचमेंट क्षेत्र में अत्यधिक पानी आने के कारण बांध से भारी मात्रा में पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। इसके चलते महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और नदी किनारे बसे दर्जनों गांवों की सड़कें जलमग्न हो गई हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है। रायपुर के सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्र जैसे आरंग, निसदा, पारागांव, चंपारण और राजिम तक के खेतों में पानी भर गया है। खेतों के लबालब होने से धान की खड़ी फसल को भारी क्षति पहुंची है। धान के अलावा मौसमी फल और सब्जियों की खेती भी पूरी तरह नष्ट हो गई है, जिससे किसानों पर गहरा संकट मंडराने लगा है।
टाटीबंध से कुम्हारी मार्ग पर 2 किलोमीटर लंबा महाजाम :
राजधानी की यातायात व्यवस्था भी गंभीर रूप से चरमरा गई है। रायपुर के टाटीबंध क्षेत्र से कुम्हारी मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी भर जाने के कारण वाहनों के पहिये थम गए हैं। इस मार्ग पर लगभग 2 किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम लग गया है, जिसमें सैकड़ों बसें, ट्रक और निजी गाड़ियां फंसी हुई हैं। दुर्ग और भिलाई की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यातायात पुलिस द्वारा जल निकासी और वाहनों को डायवर्ट करने की कार्यवाही की जा रही है, किंतु बारिश जारी रहने से स्थिति सामान्य होने में बाधा आ रही है।
राजधानी रायपुर और आसपास के संपूर्ण क्षेत्र में चारों तरफ समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। बाढ़ और जलभराव के इस दोहरे संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमें हाई अलर्ट पर हैं।



