महासमुंद : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले अंतर्गत आने वाले पटेवा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक अत्यंत हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई, जहाँ वैवाहिक कार्यक्रम का उल्लास पलक झपकते ही करुण क्रंदन और मातम में तब्दील हो गया। नेशनल हाईवे-53 पर बावनकेरा चौक और झलप के मध्य एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार सामने चल रहे भारी ट्रक को ओवरटेक करने की आपाधापी में उसके पिछले हिस्से में बेहद हिंसक तरीके से जा घुसी। टक्कर इतनी प्रचंड थी कि कार का अगला हिस्सा चकनाचूर होकर लोहे के मलबे में बदल गया। इस भीषण टक्कर के परिणामस्वरूप कार में सवार दो महिलाओं की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गये।
शादी की खुशियों के बीच पसरा सन्नाटा :
प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, राजनांदगांव के मोतीपुर निवासी अमीन खान के सुपुत्र का विवाह समारोह आयोजित था। अमीन खान अपने सगे-संबंधियों और परिजनों के साथ बेटे की बारात लेकर खपरीखुर्द गाँव पहुँचे थे। विवाह की समस्त रस्में उल्लासमय माहौल में संपन्न होने के उपरांत परिवार के सदस्य एक कार में सवार होकर वापस राजनांदगांव लौटने के लिये रवाना हुए थे। किसी को अंदेशा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों का सफर जीवन भर का असहनीय दंश दे जायेगा। जैसे ही उनकी कार महासमुंद जिले के पटेवा थाना क्षेत्र अंतर्गत बावनकेरा चौक और झलप के निकट एनएच-53 पर पहुँची, यह भीषण त्रासदी घटित हो गई।
अत्यधिक रफ्तार और ओवरटेक का जानलेवा प्रयास :
प्रत्यक्षदर्शियों और मार्ग से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों के अनुसार, निजी कार की गति अत्यधिक तेज थी। बावनकेरा के समीप वाहन चालक ने आगे चल रहे एक बड़े मालवाहक ट्रक को तेज गति से ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे यातायात और गति के अनियंत्रित तालमेल के कारण चालक वाहन पर से अपना संतुलन पूरी तरह खो बैठा। नतीजतन, कार सीधे सामने चल रहे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर का वेग इतना विकराल था कि कार का इंजन और केबिन पूरी तरह पिचक गया तथा उसमें बैठे लोग लोहे की चादरों और सीटों के बीच बुरी तरह दब गये।
चीख-पुकार, अफरा-तफरी और राहत-बचाव कार्य :
हादसे की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण, ढाबा संचालक और राहगीर तत्काल घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। राजमार्ग पर चारों ओर यात्रियों की चीख-पुकार मच गई और आवागमन कुछ समय के लिये अवरुद्ध हो गया। स्थानीय नागरिकों ने बिना कोई समय गंवाये पटेवा थाना पुलिस को दुर्घटना की सूचना दी।
सूचना प्राप्त होते ही पटेवा थाना पुलिस का दल त्वरित कार्यवाही करते हुए मौके पर पहुँचा। कार का ढांचा इस कदर क्षतिग्रस्त हो चुका था कि उसमें फंसे घायलों को सामान्य रूप से बाहर निकाल पाना असंभव था। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग से लोहे के एंगल और खिड़कियों को खींचकर व काटकर किसी तरह भीतर फंसे हताहतों को बाहर निकाला।
दुर्भाग्यवश, कार में सवार दो महिलाओं ने अत्यधिक रक्तस्राव और सिर में लगी गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही दम तोड़ दिया था। शेष तीन गंभीर घायलों को तत्काल 108 संजीवनी एंबुलेंस की सहायता से महासमुंद मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया गया। अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में पदस्थ चिकित्सकों के अनुसार, तीनों घायलों की शारीरिक स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है और उन्हें सघन चिकित्सा निगरानी में रखा गया है।
वाहन सहित चालक फरार, ओड़िशा सीमा व पड़ोसी जिलों में तलाश तेज :
दुर्घटना घटित होते ही ट्रक चालक मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखकर अपने वाहन सहित मौके से तेज रफ्तार में भाग निकला। पटेवा पुलिस ने इस संदर्भ में लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या की सुसंगत धाराओं के तहत मुकद्दमा कायम कर लिया है। पुलिस द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थापित टोल प्लाजा तथा निकटवर्ती प्रतिष्ठानों के कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि फरार वाहन के पंजीयन क्रमांक का सुराग लगाया जा सके।
चूंकि यह राजमार्ग ओड़िशा राज्य की ओर भी जोड़ता है, इसलिये सीमावर्ती क्षेत्रों और अंतर्राज्यीय नाकों पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि फरार चालक को शीघ्रता से गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों मृत महिलाओं के पार्थिव शरीरों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है तथा परिजनों के बयानों के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही निरंतर जारी है।



