रायपुर में धर्मांतरण के लिये दबाव और बर्बरता, विशाखा और दुलारी साहू के विरुद्ध मुकद्दमा दर्ज, नाबालिग को प्रलोभन देने का भी गंभीर आरोप।

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अंतर्गत अमलीडीह क्षेत्र में धर्म परिवर्तन के लिये अनैतिक दबाव बनाने, मानसिक उत्पीड़न करने और विरोध करने पर हिंसक मारपीट का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने पीड़ित परिवार की विस्तृत शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए दो महिलाओं के विरुद्ध विभिन्न वैधानिक धाराओं में मुकद्दमा दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता का स्पष्ट आरोप है कि पूरे परिवार पर मूल धर्म का परित्याग कर ईसाई धर्म अपनाने के लिये निरंतर अनुचित दबाव बनाया जा रहा था, और जब परिवार के सदस्यों ने इस दबाव के आगे झुकने से साफ इंकार कर दिया, तो उनके साथ लात-घूंसों से बर्बर मारपीट की गई तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं।

धर्म परिवर्तन से इंकार पर बर्बर प्रहार और गंभीर प्रताड़ना :

न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत घटित इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पीड़ित पक्ष ने थाने में उपस्थित होकर अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, आरोपियों द्वारा लंबे समय से परिवार को सामाजिक व मनोवैज्ञानिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पीड़ित परिवार ने पुलिस को दी गई तहरीर में यह चौंकाने वाला दावा भी किया है कि उनकी नाबालिग छोटी बेटी का पूर्व में ही प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जा चुका है। इस कृत्य के पश्चात आरोपियों द्वारा परिवार के शेष सदस्यों पर भी ईसाई मत स्वीकार करने के लिये दबाव बनाये रखने का सिलसिला लगातार जारी रखा गया। जब परिजनों ने अपनी आस्था पर अडिग रहते हुए मतांतरण से इंकार कर दिया, तो विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने उग्र होकर पूरे परिवार पर हमला कर दिया और लात-घूंसों से उनकी पिटाई कर दी।

16 वर्षीय नाबालिग बेटे को प्रलोभन देने, बंधक बनाने व मोबाईल तोड़ने का आरोप :

पीड़ित परिवार ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि विवाद और मारपीट के दौरान आरोपियों ने न केवल अभद्रता की, बल्कि घटना की सूचना पुलिस या पड़ोसियों तक न पहुँच सके, इसके लिये पीड़ित का मोबाईल फोन भी छीनकर तोड़ दिया। अत्यंत अमानवीयता का परिचय देते हुए आरोपियों ने पीड़ित परिवार को उनके ही आवास में बंधक बनाने की नियत से बाहर से ताला जड़ दिया, जिससे कि घायल परिजन प्राथमिक चिकित्सा अथवा चिकित्सीय उपचार कराने के लिये बाहर न निकल सकें।

इसके अतिरिक्त, पीड़ित परिवार ने यह अत्यंत संवेदनशील आरोप भी लगाया है कि उनके 16 वर्षीय नाबालिग बेटे को धर्म परिवर्तन के जाल में फंसाने के लिये तरह-तरह के भौतिक व आर्थिक प्रलोभन दिये जा रहे थे। किशोर मन को भ्रमित करने और उसे मतांतरित करने के उद्देश्य से सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा था।

नामजद आरोपियों के विरुद्ध धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत मुकद्दमा दर्ज :

प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने बिना किसी विलंब के विशाखा मसीह और दुलारी साहू नामक दो महिलाओं के विरुद्ध सुसंगत कानूनी धाराओं में मुकद्दमा दर्ज किया है। पुलिस प्रशासन द्वारा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2026 की धारा 16(1) के अंतर्गत विधिवत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गैरकानूनी रूप से प्रलोभन, बल प्रयोग, या किसी भी छल-कपट के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराने के कृत्यों को विधि के विरुद्ध माना गया है, और इस दिशा में कठोर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

निष्पक्ष विवेचना और साक्ष्य संकलन में जुटी पुलिस :

घटना के पश्चात क्षेत्र में स्थिति पर पुलिस की कड़ी नजर बनी हुई है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर भौतिक साक्ष्य एकत्रित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके साथ ही तोड़े गये मोबाईल फोन, कथित रूप से घर में ताला लगाने के साक्ष्य और दोनों पक्षों के बयानों को विवेचना का आधार बनाया जा रहा है। न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की सूक्ष्म व निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि शिकायत में उल्लेखित प्रत्येक बिंदु की गहराई से पड़ताल की जाये। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक मुकद्दमा दर्ज होने के उपरांत सभी साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर ही सभी आरोपों की पुष्टि की जायेगी, जिसके पश्चात आरोपियों के विरुद्ध आगे की सख्त कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।