साल 2027 में देश के 7 राज्यों में विधानसभा चुनाव : उ.प्र. और पंजाब से लेकर गुजरात तक सियासी पारा अभी से चढ़ा।

नई दिल्ली : अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी बयानबाजी अभी से शुरू हो चुकी है। खासकर उ.प्र. और पंजाब को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं काफी तेज हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि साल 2027 में देश के किन-किन राज्यों में चुनाव होने हैं। साल 2027 में भारत के कुल 7 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने तय हैं। इस खास रिपोर्ट में राज्यों और उनके संभावित चुनावी समय का पूरा ब्योरा नीचे दिया गया है।

साल की शुरुआत (फरवरी – मार्च 2027) में 5 राज्यों में चुनाव :

इन पांच राज्यों की वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल मार्च से मई 2027 के बीच समाप्त हो रहा है। इसलिये यहां साल के शुरुआती महीनों में चुनाव होने की संभावना है:

1। उत्तर प्रदेश (कुल 403 विधानसभा सीटें)

2। पंजाब (कुल 117 विधानसभा सीटें)

3। उत्तराखंड (कुल 70 विधानसभा सीटें)

4। गोवा (कुल 40 विधानसभा सीटें)

5। मणिपुर (कुल 60 विधानसभा सीटें)

साल के अंत (नवंबर – दिसंबर 2027) में 2 राज्यों में मुकाबला :

साल के आखिरी महीनों में इन दो प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनाव कराये जायेंगे:

1। हिमाचल प्रदेश (कुल 68 विधानसभा सीटें) – नवंबर 2027

2। गुजरात (कुल 182 विधानसभा सीटें) – दिसंबर 2027

अन्य महत्वपूर्ण चुनाव :

राज्यों के विधानसभा चुनावों के अलावा, जुलाई 2027 में देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद यानी भारत के राष्ट्रपति का चुनाव भी होना है।

जमीन पर क्या है चुनावी मिजाज और सियासी समीकरण?

साल 2027 में होने वाले 7 राज्यों के चुनावों में जमीनी स्तर पर जनता का क्या मिजाज है? किसका ग्राफ आगे चल रहा है और किस नेता का बयान वोटरों का रुख बदल रहा है? एंटी-इंकम्बेंसी पर विपक्ष का मनोबल ऊंचा है या फिर राजनीति से अब एंटी-इंकम्बेंसी की विदाई हो चुकी है? डायरेक्ट नोट से डायरेक्ट वोट का फॉर्मूला इन राज्यों में चलेगा या नहीं? उ.प्र. में अखिलेश यादव के पास जातिगत समीकरण के कितने वोट हैं और योगी आदित्यनाथ के पास हिंदू मतदाताओं का कितना समर्थन है?

क्या पंजाब में इस बार भाजपा खिलायेगी कमल?

पंजाब की सियासत में नशे (ड्रग्स) का मुद्दा सबसे बड़ा बना हुआ है। इसी मुद्दे ने कभी आम आदमी पार्टी को 92 सीटों के ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचाया था, लेकिन पांच साल बाद इसी मुद्दे के सहारे भाजपा कहां तक पहुंच पायेगी? कांग्रेस और आप कितनी सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत रख पाते हैं? सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि भाजपा बिना अकाली दल के चुनावी मैदान में कहां खड़ी है और अगर अकाली दल के साथ गठबंधन होता है, तो पार्टी किस मुकाम तक पहुंचेगी?

उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में क्या हैं संभावनायें?

  • उत्तराखंड: क्या पुष्कर सिंह धामी दोबारा वापसी कर रहे हैं या फिर कांग्रेस के लिये कोई मजबूत अवसर बन रहा है? कौन दल कितनी सीटों की उम्मीद कर सकता है?
  • गोवा: तटीय राज्य गोवा में कांग्रेस के लिये अब क्या उम्मीदें बची हैं?
  • मणिपुर: पूर्वोत्तर के इस राज्य में ईसाई वोट, कुकी, नागा और मैतेई समुदाय के वोट क्या पूरी तरह ध्रुवीकृत हो चुके हैं?

गुजरात और हिमाचल : सेकेंड हाफ की जंग में किसका पलड़ा भारी?

यह सियासी तस्वीर तो साल 2027 के पहले हिस्से (फर्स्ट हाफ) की है। वहीं साल के दूसरे हिस्से (सेकेंड हाफ) में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने हैं। वर्तमान हालात को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि गुजरात में शायद कोई बड़ा सियासी उलटफेर ही भाजपा को रोक सकता है, जबकि हिमाचल प्रदेश में किसी बड़े करिश्मे के दम पर ही कांग्रेस अपनी सत्ता बचा सकती है।

उ.प्र. में जहां आधी आबादी का रुख योगी आदित्यनाथ की ओर दिखाई दे रहा है, वहीं बाकी राज्यों में जनता का अंतिम फैसला क्या रहेगा, यह तो आने वाले समय का चक्र ही बतायेगा।