रायपुर पुलिस की मानवीय और त्वरित कार्यवाही, अपहृत एक वर्षीय बालक को ढाई घंटे में सकुशल किया बरामद, थाने में केक काटकर मनाया पहला जन्मदिन।

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पंडरी थाना क्षेत्र में पुलिस ने कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित सूझबूझ का परिचय देते हुए एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। पारिवारिक कलह के चलते पिता द्वारा जबरन छीने गये एक वर्षीय अबोध बालक को पुलिस टीम ने महज़ ढाई घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर उसकी बिलखती मां के सुपुर्द कर दिया। इस संवेदनशील घटनाक्रम का सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि जिस दिन यह मासूम अपने परिवार के अंतर्कलह के बीच मां के आंचल से बिछड़ा, उसी दिन उसका पहला जन्मदिन भी था। बच्चे की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के उपरांत पुलिसकर्मियों ने पंडरी थाने के भीतर ही केक मंगवाकर मासूम का जन्मदिन अत्यंत स्नेह और आत्मीयता के साथ मनाया। पुलिस की इस तत्परता और मानवीय चेहरे की चारों तरफ सराहना की जा रही है।

वैवाहिक विवाद की पृष्ठभूमि और घटना का विवरण :

प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, प्रिया पाण्डेय (उम्र 26 वर्ष) का विवाह वर्ष 2022 में लाकेश सिंह बंजारे के साथ संपन्न हुआ था। विवाह के कुछ समय पश्चात ही इस दम्पत्ति के दांपत्य जीवन में गहरा तनाव उत्पन्न हो गया था। निरंतर बढ़ते आपसी विवाद और मतभेदों के चलते दोनों विगत 7-8 महीनों से एक-दूसरे से अलग रह रहे थे। प्रिया पाण्डेय वर्तमान में दलदल सिवनी क्षेत्र स्थित अपने आवास में अपने एक वर्षीय बेटे के साथ जीवन यापन कर रही थीं।

गत 3 नवंबर की शाम पारिवारिक कलह ने उस समय उग्र रूप धारण कर लिया, जब पति लाकेश सिंह बंजारे अचानक दलदल सिवनी स्थित पत्नी के आवास पर आ धमका। वहां पहुंचते ही उसने गाली-गलौज करते हुए विवाद आरंभ कर दिया। विवाद इतना बढ़ गया कि उसने प्रिया पाण्डेय के साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी, जिससे उन्हें गंभीर शारीरिक चोटें आईं।

पड़ोसन के घर से मासूम को जबरन छीना, मोबाईल लेकर हुआ फरार :

आरोपी पति का मुख्य उद्देश्य केवल मारपीट तक सीमित नहीं था, बल्कि वह मासूम बच्चे को जबरन अपने साथ ले जाने पर आमादा था। घर में चीख-पुकार और विवाद की स्थिति को देखकर पड़ोस में रहने वाली रूबी प्रिया मानिकपुरी ने मानवीय दायित्व निभाते हुए बच्चे को तत्काल अपने संरक्षण में ले लिया, ताकि मासूम को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे।

किंतु आरोपी का आक्रोश शांत नहीं हुआ। शाम करीब 6 बजे आरोपी ने रूबी प्रिया मानिकपुरी के घर में जबरन प्रवेश किया और बच्चे को उनकी गोद से छीन लिया। जाते-जाते वह अपनी पत्नी का मोबाईल फोन भी बलपूर्वक अपने साथ लेकर फरार हो गया। पीड़िता द्वारा मिन्नतें करने और रो-रोकर गुहार लगाने के बावजूद आरोपी ने बच्चे को लौटाने से साफ इंकार कर दिया। इसके अतिरिक्त उसने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि वह उस नन्हे बालक को किस गुप्त स्थान पर छुपाने के लिये ले जा रहा है। मोबाईल फोन छिन जाने के कारण असहाय मां तत्काल किसी से संपर्क भी नहीं कर पा रही थी।

पुलिस का सघन तलाशी अभियान: वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में बनी विशेष टीम :

गंभीर रूप से आहत और भयभीत मां ने किसी तरह पंडरी थाना पहुंचकर आपबीती सुनाई। एक वर्षीय मासूम की सुरक्षा एवं जीवन पर मंडराते खतरे को भांपते हुए पंडरी पुलिस तत्काल सक्रिय हो गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीसीपी नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप के कुशल मार्गदर्शन तथा एडीसीपी आदित्य पाण्डेय एवं एसीपी कृष्ण कुमार चंद्राकर के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में एक विशेष पुलिस दल गठित किया गया।

थाना प्रभारी निरीक्षक परेश पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस बल ने बच्चे की सुरक्षित खोज के लिये तत्काल कई मोर्चों पर काम शुरू किया। पुलिस ने आरोपी के संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों के घरों और आवागमन के मुख्य मार्गों पर नाकेबंदी की। इसके साथ ही तकनीकी निगरानी और मुखबीर तंत्र को पूरी तरह से सक्रिय किया गया। पुलिस दल ने पूरे क्षेत्र में लगातार सघन तलाशी अभियान चलाया, जिससे आरोपी पर चारों तरफ से दबाव बढ़ गया।

ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मासूम बरामद, मां की गोद में लौटा लाल :

पंडरी पुलिस की मुस्तैदी और निरंतर प्रयासों का सुखद परिणाम सामने आया। सूचना मिलने के महज ढाई घंटे के भीतर ही पुलिस टीम ने आरोपी की घेराबंदी करते हुए बच्चे को बिना किसी नुकसान के सकुशल बरामद कर लिया।

थाने में जब बच्चे को उसकी मां की गोद में सौंपा गया, तो मां की आंखों से छलके आंसू पुलिसकर्मियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे थे। एक अबोध बालक के लिये यह समय कितना पीड़ादायक हो सकता था, इसका भान करते हुए पुलिस ने जिस त्वरित गति से रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया, उससे एक मां की उजड़ती दुनिया फिर से संवर गई।

थाने में गूंजी तालियां: खाकी ने मनाया नन्हे मेहमान का पहला जन्मदिन

इस पूरे अभियान का सबसे हृदयस्पर्शी दृश्य तब देखने को मिला जब पुलिस अधिकारियों को यह ज्ञात हुआ कि 3 नवंबर को ही उस नन्हे मासूम का पहला जन्मदिन था। जीवन के पहले ही सालगिरह पर जहां वह अपनों के विवाद और खौफनाक माहौल में घिर गया था, वहीं पंडरी थाने के पुलिसकर्मियों ने इस दिन को उसके और उसकी मां के लिये अविस्मरणीय बनाने का निर्णय लिया।

थाना परिसर में पुलिसकर्मियों ने एक सुंदर केक मंगवाया। अधिकारियों और जवानों ने मिलकर तालियों की गूंज के बीच बच्चे से केक कटवाया और उसका पहला जन्मदिन बड़े ही धूमधाम से मनाया। पुलिस परिवार ने बच्चे को उपहार और स्नेह देकर यह संदेश दिया कि खाकी केवल कानून का कठोर डंडा चलाने के लिये नहीं, बल्कि समाज के हर कमजोर और पीड़ित व्यक्ति के आंसू पोंछने के लिये भी सदैव तत्पर रहती है।

आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की धाराओं में मुकद्दमा दर्ज, कानूनी कार्यवाही जारी :

पीड़िता प्रिया पाण्डेय की लिखित शिकायत के आधार पर पंडरी थाना पुलिस ने आरोपी लाकेश सिंह बंजारे (उम्र 28 वर्ष), निवासी बगदेही पारा, तर्री रोड, गोबरा नवापारा के विरुद्ध मुकद्दमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296 (अश्लील कृत्य/गाली-गलौज) तथा धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) सहित संबंधित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत अपराध क्रमांक 380/2026 दर्ज किया है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहन विवेचना प्रचलित है और आरोपी के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार के पारिवारिक विवादों में अबोध बच्चों को ढाल बनाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके।