रायपुर : बहुचर्चित महादेव ऑनलाईन सट्टा एप मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इस अवैध तंत्र के प्रमोटर और मुख्य सूत्रधार सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। सौरभ चंद्राकर के सबसे करीबी सहयोगी, मुख्य कारोबारी पार्टनर और पूरे नेटवर्क के सह-संस्थापक रवि उप्पल को भी दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) में स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों की सहायता से गिरफ्तार कर लिया गया है। मिली विस्तृत जानकारी के मुताबिक, रवि उप्पल की यह गिरफ्तारी इंटरपोल द्वारा जारी रेड कॉर्नर नोटिस और भारतीय जांच एजेंसियों के निरंतर समन्वय के आधार पर दुबई में हुई है।
हवाला कारोबार और वित्तीय सांठगांठ की पड़ताल के बीच बड़ी गिरफ्तारी :
महादेव ऑनलाईन सट्टा एप मामले में रवि उप्पल की गिरफ्तारी ऐसे निर्णायक समय में हुई है, जब जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, विदेशी शैल कंपनियों, बेनामी संपत्तियों और व्यापक हवाला कारोबार में विभिन्न आरोपियों की भूमिका की सघन जांच कर रही हैं।
जांच अधिकारियों के अनुसार, रवि उप्पल इस गैर-कानूनी नेटवर्क का सह-संस्थापक और सौरभ चंद्राकर का सबसे प्रमुख रणनीतिक साझेदार रहा है। वह तकनीक, सर्वर प्रबंधन, विभिन्न अवैध वेबसाईट के संचालन, सट्टा पैनलों के वितरण और अवैध धन को विदेशों में ठिकाने लगाने की संपूर्ण व्यवस्था की देखरेख करता था। इस अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों—विशेषकर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उ.प्र., मध्य प्रदेश और ओड़िशा के युवाओं को सट्टे के जाल में फंसाकर अवैध धन उगाही करना था।
इस गिरोह ने भोले-भाले नागरिकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाते खुलवाये, जिनमें सट्टे की रकम मंगवायी जाती थी। सट्टा सिंडिकेट को सुचारु रूप से चलाने के लिये फर्जी पहचान पत्रों पर जारी कराये गये हजारों गुप्त मोबाईल नंबरों और अत्याधुनिक साईबर तकनीकों का सहारा लिया गया था। इस नेटवर्क से जुड़े कई प्रमुख लोगों के खिलाफ देश भर के अलग-अलग थानों में गंभीर धाराओं के तहत मुकद्दमा दर्ज किया जा चुका है।
विशेष सीबीआई अदालत ने सौरभ चंद्राकर को 8 दिन की हिरासत में भेजा :
इधर, बुधवार को राजधानी रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में सौरभ चंद्राकर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुये सौरभ चंद्राकर को 8 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है।
सुनवाई के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अदालत के समक्ष यह दलील रखी कि इस अंतर्राष्ट्रीय घोटाले के तार कई देशों से जुड़े हैं, जिनकी कड़ियों को जोड़ने और विस्तृत पूछताछ के लिये आरोपी की कम से कम 10 दिन की रिमांड आवश्यक है। बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की दलीलों को सुनने के उपरांत विशेष अदालत ने 8 दिन की सीबीआई हिरासत मंजूर की।
अवैध लेन-देन और राजनेताओं-नौकरशाहों की कड़ियों पर होगी पूछताछ :
जांच एजेंसी अब रिमांड अवधि के दौरान सौरभ चंद्राकर से महादेव ऑनलाईन सट्टा नेटवर्क के बैक-एंड ऑपरेशंस, विदेशों में निवेश की गई संपत्तियों, लग्जरी शादियों में खर्च किये गये काले धन और अवैध वित्तीय लेन-देन के संबंध में आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी।
इसके साथ ही दुबई में पकड़े गये रवि उप्पल के औपचारिक प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है, ताकि उसे शीघ्र भारत लाया जा सके। दोनों मुख्य संचालकों से होने वाली संयुक्त पूछताछ यह बतायेगा कि इस गिरोह को किन-किन प्रभावशाली हस्तियों का संरक्षण प्राप्त था। केंद्रीय एजेंसियों की इस चौतरफा कार्यवाही से सट्टेबाजों के कई सक्रिय पैनल पूरी तरह ठप्प हो गये हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में सिंडिकेट से जुड़े कई अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जायेगा।



