राजधानी की विश्वप्रसिद्ध भगवान झूलेलाल की 56 फुट मूर्ति के समीप हुआ हिंदूवादी संगठन “सिन्धु युवा शक्ति” का उदय।

रायपुर : राजधानी रायपुर के कैनाल लिंकिंग रोड अमलीडीह में विगत वर्षों में भगवान झूलेलाल की भव्य मूर्ति का निर्माण किया गया था, वहीँ पर भगवान झूलेलाल की छट्ठी का उत्सव 4 अप्रैल को मनाया गया, 30 मार्च को देशभर में भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव (चेट्रीचंड्र महोत्सव मनाया गया था) वहीँ छठी के इस शुभ अवसर पर भव्यतम कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत संतो के आशीर्वचन से शुरू हुई थी, जिसमें संतों ने अपना उद्बोधन भी दिया था, इसमें स्वामी परमानन्द जी , अमर भाई साहब, संत लाल दास के पुत्र वरुण साईं, सिन्धी समाज के प्रमुख महाराज सोनू जी ने अपना संबोधन देकर कार्यक्रम की सराहना की और उत्साह वर्धन किया। तत्पश्चात समाज सेवियों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया और उसके पश्चात् भगवान झूलेलाल की आरती और पल्लव गया गया साथ ही भव्यतम आतिशबाजी भी की गई।

साथ ही विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में युवा शामिल हुये, जिन्होंने सिन्धी युवा शक्ति की मिसाल पेश की और सैकड़ों मातायें बहनें भी इस कार्यक्रम में शामिल हुई। इस अवसर पर सिन्धी समाज के नेता MIC सदस्य अमर गिदवानी, जोन 10 के अध्यक्ष सचिन मेघानी, सुनील कुकरेजा, अजीत कुकरेजा, भाजपा नेता प्रकाश बजाज, वरिष्ठ समाजसेवी मनोज डेंगवानी, सुरेश रजवानी, विकास तनवानी, कमल कुकरेजा, अजय बजाज, दीपक ऐशानी, पहलाज खेमानी, संजय रामानी, राजू वासवानी सहित कई समाजसेवी भी शामिल हुये ।

सिन्धु युवा शक्ति का महत्वपूर्ण गठन :

विगत लम्बे समय से हिंदूवादी संगठनों से जुड़े हुये सक्रिय हिंदूवादी जिसमें विक्रम केवलानी, गिरीश लहेजा, रवि वाधवानी, रवि नेचवानी, विजय लालचंद छत्री, सागर दुलानी अमर दुलानी जैसे हिंदूवादी विचारधारा के लोग एक हिंदूवादी सिन्धी समाजिक संगठन बनाने के लिये प्रयासरत थे, जिसको लेकर उन्होंने सिन्धी समाज के युवाओं को हिंदूवादी विचारधारा से जोड़ने का प्रयास किया और उसी को लेकर सिन्धी युवाओं को एकजुट करने की मेहनत की, और अंततः “सिन्धु युवा शक्ति” नामक संगठन का मजबूत गठन किया है।

इस संगठन की जानकारी देते हुये हिंदूवादी धर्मरक्षक विक्रम केवलानी ने माचिस मीडिया को बताया की इस संगठन का प्रमुख उद्देश्य सिन्धी युवाओं को जागरूक करना है और उन्हें हिंदूवादी सोच से जोड़ना है, जिससे वो अपने देश, धर्म और समाज की रक्षा में खड़े हो सकें। यह संगठन प्रमुख रूप से हिंदूवादी संगठनों के सान्निध्य में ही कार्य करेगा और उसी विचारधारा पर चलेगा, सिन्धी समाज हिन्दू धर्म के अंतर्गत ही आता है। ऐसे में सिन्धी समाज की युवा शक्ति इस संगठन में जुड़कर समाज को मजबूत बनायेगी और इस संगठन में वर्तमान में प्रत्यक्ष तौर पर 200 से ज्यादा युवा जुड़ चुके है और सैंकड़ों जुड़ने के लिये उत्सुक है। यही इस संगठन की वर्तमान उपलब्धि है।