पखांजूर : नक्सली उन्मूलन अभियान जोरों पर है, छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के अंत का काउंट डाउन अब भी जारी है। जगंल क्षेत्र में जवानों की टीम लगातार अभियान चला रही है। वहीँ कांकेर जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में जवानों को सफलता हाथ लगी। हापाटोला-बीनागुंडा के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों के डंप में छिपाए गए कई आईईडी, नक्सली वर्दी और अन्य सामाग्री बरामद की गई है। वहीं कलपर-आमाटोला में नक्सलियों के 4 स्मारकों पर जवानों ने धवस्त किया गया है। नक्सली अभियान को खत्म करने का लगातार कार्य जारी है, वहीँ कुछ नक्सली जो आत्मसमर्पण कर रहे है, उनमें से कुछ का कहना है कि आत्मसमर्पण किया है, नक्सली विचारधारा अब भी नहीं छोड़ी है, जबकि अधिकांश नक्सली मुख्यधारा में आकर अपना आम जीवन व्यतीत भी करने लगे है।
सामने आये मामले के अनुसार डीआरजी और बीएसएफ की संयुक्त टीम 15 मार्च को छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग के लिए रवाना हुई थी। इस दौरान ग्राम हापाटोला–बीनागुंडा के जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए डम्प से 3 प्रेशर कुकर आईईडी और 1 पाइप आईईडी बरामद किया गया है, इसके अलावा बिजली वायर का बंडल, नक्सली वर्दी, फटाखा, नक्सल साहित्य सहित अन्य सामग्री भी बरामद की गई है, सुरक्षा की दृष्टि से सभी आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया है। वहीं ग्राम कलपर और आमाटोला में बनाए गए 4 नक्सली स्मारकों को भी जवानों ने ध्वस्त कर दिया है, इस तरह नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की गई है।
नक्सली डंप से क्या-क्या मिला?
सर्चिंग के दौरान डीआरजी और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने हापाटोला और बिनागुंडा के जंगल में नक्सली डंप बरामद किया गया, इस दौरान नक्सलियों ने जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए बिछाए आईईडी को बरामद किया। इस कार्यवाही में एक 10 किलो और दो 5-5 किलो के प्रेशर कुकर आईईडी, एक पाइप आईडी, एक बिजली वायर का बंडल, 3 नक्सली वर्दी बरामद की गई है, इसके साथ ही फटाखा, नक्सल साहित्य और अन्य नक्सली सामग्री भी मौके से जब्त कर ली गई है, इस तरह उपरोक्त सामान बरामद हुआ है।



