रायपुर : गौ तस्करी को लेकर राज्य में आये दिन कई मामले सामने आते रहते है, जिसको लेकर कई बार सांप्रदायिक माहौल भी खराब हो जाता है। ऐसे ही अब इस पर लगाम कसने कि तैयारी में है राज्य सरकार। अब गौ तस्करी में शामिल आदतन आरोपियों की संपत्ति अटैच कर नीलाम की जायेगी। यही नहीं गौ तस्करी में शामिल पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को तत्काल विभाग से बाहर किया जायेगा। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में गौवंश तस्करी पर रोकथाम के लिए मंत्रालय में आयोजित बैठक में फैसला लिया गया है। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया है कि गौवंश तस्करी को लेकर तमाम जिलों में एक एडिशनल एसपी स्तर के नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। इन सभी अधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी। कुछ जिलों में अच्छा कार्य भी हुआ है। कुछ जगहों पर कार्य करने की आवश्यकता है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि गौवंश की तस्करी में संलिप्त पुलिस अधिकारी या कर्मचारी को तत्काल पुलिस विभाग से बाहर निकलने के साथ ही ऐसे प्रकरणों में उपयोग में आने वाली गाड़ियों को अनिवार्य रूप से राजसात कर गौ सेवा के कार्य के लिए नीलाम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ गौ सेवा आयोग से गौ सेवकों के लिए आईडी कार्ड बनाने का भी आग्रह किया जायेगा। बैठक में उक्त बातें हुई है।
आदतन आरोपियों पर लगेगा सफेमा :
इस मामले में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि गौ तस्करी में संलिप्त आदतन आरोपियों पर सफ़ेमा लागू कर उनकी प्रॉपर्टी को अटैच कर नीलामी की जायेगी। नीलामी से मिलने वाली राशि को गौवंश सेवा के लिए दिया जायेगा। इसके साथ ही पशुपालन विभाग में ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्यवाही के लिए पत्र लिखा गया है। वहीं जिन जिलों में कार्यवाही कम है, उन्हें कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे ही अब गौ तस्करी पर इस तरह लगाम कसी जायेगी।



