रायपुर : राजधानी के मशहूर लेखक शिव ग्वालानी ने कई किताबें लिखी है, उनकी नजदीकियां जम्मू – कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला रही है। हमेशा उनकी किताबों का विमोचन फारुख अब्दुल्ला ने ही किया है। ऐसे ही 21 जून 2025 दिन शनिवार को सुबह नव बजे गुपकार रोड स्थित अब्दुल्ला हाऊस में जम्मू कश्मीर के तीन बार मुख्यमंत्री रहे डाक्टर फारुख अब्दुल्ला ने ग्वालानी की लिखी नई किताब “दास्तान -ऐ- कश्मीर” का विमोचन किया है। इस अभूतपूर्व अवसर पर नेशनल कांफ्रेस पार्टी के प्रोविन्शनल प्रेसिडेंट शौकत मीर भी उपस्थित थे। फारुख अब्दुल्ला ने किताब का विमोचन करते हुये कहा की यह सच्ची कश्मीरियत, कश्मीरी दोस्ती, कश्मीरी मोहब्बत का दस्तावेज है। फारुख अब्दुल्ला ने ग्वालानी दंपति को उनकी चालिसवीं सालगिरह और नायाब किताब लिखने की बधाई दी।
आपको बता दें कि शिव ग्वालानी ने “मास्टर ऑफ़ नथिंग” और “मास्टर ऑफ़ एवरीथिंग” किताबें भी लिख चुके है, जो काफी लोकप्रिय रही है। वहीँ उन्होंने अपना लेखन कार्य काफी लम्बे समय से जारी रखा हुआ है। वहीँ वर्तमान में शिव ग्वालानी जम्मू-कश्मीर में ही है, साथ ही इस अवसर पर ग्वालानी दंपति ने किताब के विमोचन के पहले पहलगाम जा कर आतंकवादियों द्वारा किये गये नरसंहार में शहीद हुये हिंदू भाईयों को जल तर्पण किया और अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी।
उसके बाद ग्वालानी दंपति असनकम हापतनार्ड पहलगाम जा कर आतंकवादियों द्वारा मारे गये आदिल हुसैन के परिवार से भी मिले और उनके माता पिता को आदिल हुसैन की आंतकवादीयों द्वारा हत्या किये जाने पर संवेदना प्रकट की। इस अवसर पर आदिल हुसैन की तीन बहनें, भाभी और पूरा परिवार ग्वालानी दंपति से गले मिलकर भावुक हो गया। आदिल हुसैन के पिता उनके दुख मे इतनी दूर से हिन्दू परिवार के उनके गांव आकर शामिल होने पर भावुक हो गये और रो पड़े साथ ही उनके घर रहने का निवेदन किया। इस अवसर पर गांव के बहुत से मुस्लिम भाई बहन भी उपस्थित थे।
21 जून को डल लेक पर होटल शंहशाह में कश्मीर इकोनामिक्स एलायंस ने कश्मीरी अवाम की तरफ से उपन्यासकार शिव ग्वालानी का ईस्तकबाल किया और सच्ची कश्मीरियत पर किताब लिखने के लिए कश्मीरी अवाम की तरफ से शुक्रिया अदा किया। श्रीनगर से प्रकाशित होने वाले उर्दू अंग्रेजी अखबारों और चैनलों ने कश्मीरी दोस्ती और “दास्तानें कशमीर”किताब का तहे दिल से स्वागत किया। लेखक शिव ग्वालानी ने कश्मीर इकानामिक्स एलाईन्स को संबोधित करते हुये कहा की देश को आज सच्ची हिंदू मुस्लिम दोस्ती की जरूरत है। उनकी किताब देश भक्त कश्मीरियत की सच्ची दास्ताँ है।
आदिल हुसैन ने भी हिंदू भाईयों की रक्षा करते हुये अपनी जान कुर्बान कर दी।
यही मोहब्बत और जज्बा पूरे देश में आज की जरूरत है।
कविता ग्वालानी ने कहा की यहाँ के लोगों में टूरिस्ट के प्रति बहुत आदर और प्यार की भावना है।
कश्मीर ईकानामिक्स एलाईन्स ने ग्वालानी दंपति का तालियाँ बजाकर दिल से स्वागत किया।
कौन था आदिल हुसैन?
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में एक स्थानीय युवा सैयद आदिल हुसैन शाह ने आतंकवादी हमले में अपनी जान खो दी थी। वह पर्यटकों को बचाने की कोशिश कर रहे थे जब आतंकियों ने उन्हें गोली मार दी थी। आदिल की छोटी बहन रविसा, ने रोते हुए बताया था कि हमारा परिवार टूट गया है। मैंने अपने भाई को खो दिया है। वह घोड़ों की सवारी करवाकर लोगों को क्षेत्र की सैर कराता था और हर दिन लगभग 300 रुपये कमाता था। जानकारी में सामने आया था कि वह किसी आतंकी की बंदूक छीनने की कोशिश कर रहा था, जिसमें उसे गोली मार दी गई थी। एक गोली गले में और तीन सीने में लगी। पूरे इलाके में शोक और क्रोध की लहर फैली थी इस बहादुर युवक की मौत से। सरकार से उनके परिवार को मदद भी मिली। वहीँ आदिल के परिवार से मिलकर शिव ग्वालानी ने उनकी पीड़ा को जाना और उन्हें सांत्वना दी, उनके दुःख में शामिल होकर लेखक शिव भी रो पड़े। आदिल के परिवार से मिलने उन्होंने लम्बी और कठिन पैदल यात्रा की, उन्होंने इस पहल से देश में भाईचारे का सन्देश देने की कोशिश की है। साथ ही आदिल के साहस और शहादत को लेकर उन्होंने काफी प्रशंसा भी की। इस पूरे मामले कि जानकारी शिव ग्वालानी ने माचिस मीडिया को दी।



