वैश्विक : वैसे तो पृथ्वी पर भी कई ऐसे रहस्य है जो आज तक नहीं सुलझ सके है, ऐसे ही समुद्रों की भी अपनी अलग ही दुनियां है। समुद्र की गहराइयां सदियों से इंसान को अपनी ओर आकर्षित करती रही हैं। परंतु इन आकर्षक लहरों के नीचे छिपा है ऐसा अंधकारमय इतिहास, जहां हजारों जहाज और लाखों जिंदगियां सदा के लिए दफन हो गई हैं। इन समुद्रो में यात्रा करना जोखिम से भरा होता है, दुनिया में कई ऐसे समुद्री क्षेत्र हैं जहां सबसे ज्यादा जहाज डूबे हैं। जहाज के डूबने में मौसम, भौगोलिक स्थिति, युद्ध, तकनीकी त्रुटियां और प्राकृतिक आपदाएं प्रमुख कारण रहे हैं। दुनियाभर में आज भी 30,000 से अधिक जहाजों के मलबे समुद्र की गहराइयों में दबे हुए हैं। चलिए आपको बताते हैं कि किस समुद्री क्षेत्र में सबसे ज्यादा जहाज डूबे हैं। जानिये ये रोचक जानकारी।
बरमूडा ट्राएंगल (Bermuda Triangle) :
बरमूडा ट्राएंगल को ‘शैतानी त्रिकोण’ भी कहा जाता है, यह काफी मशहूर है। यह क्षेत्र आज भी रहस्य बना हुआ है। यहां जहाजों और विमानों के गायब होने की घटनाएं वैज्ञानिकों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। बताया जाता है कि यहां कम्पास काम करना बंद कर देता है और रेडियो सिग्नल भी नहीं मिलते। कई वैज्ञानिक इसे चुंबकीय विकृति और गल्फ स्ट्रीम के प्रभाव से जोड़ते हैं। यह स्थान आज भी समुद्री जहाजों के लिए खतरनाक माना जाता है। एक अनुमान के मुताबिक यहां 1000 से अधिक जहाज डूबे हैं। यह स्थान अटलांटिक महासागर में मियामी, बरमूडा और प्यूर्टो रिको के बीच स्थित है। यह काफी खौफनाक जगह मानी जाती है।
ग्रेट लेक्स (Great Lakes), उत्तरी अमेरिका :
हालांकि ग्रेट लेक्स समुद्र नहीं हैं, लेकिन इनका आकार इतना विशाल है कि इन्हें “मीठे पानी का समुद्र” कहा जाता है। यहां तेज हवाओं, घने कोहरे, बर्फीले तूफानों और अचानक बदलते मौसम के कारण हजारों जहाज डूब चुके हैं। सबसे प्रसिद्ध डूबने वाला जहाज है SS Edmund Fitzgerald, जो 1975 में लेक सुपीरियर में डूबा था। सिर्फ सामने आये मामलों की बात करें तो यहां 6,000 से अधिक जहाज डूब चुके हैं। जो कि बहुत बड़ी संख्या है।
नॉर्थ सी और इंग्लिश चैनल (North Sea & English Channel) :
इंग्लिश चैनल और नॉर्थ सी व्यापार और युद्ध का प्रमुख मार्ग रहे हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यहां कई सैन्य और नागरिक जहाज दुश्मन की फायरिंग, माइनफील्ड्स और टॉरपीडो हमलों का शिकार हुए। यहां आज भी कई जहाजों के मलबे समुद्र की गहराई में पाए जाते हैं। यहां जहाजों के डूबने की अनुमानित संख्या 10,000 के पार है। यह स्थान यूरोप के उत्तर-पश्चिमी तट पर स्थित है। अह संख्या भी काफी चौंकाने वाली है।
ट्रांस-अटलांटिक रूट (Transatlantic Shipping Route) :
ट्रांस-अटलांटिक रूट यूरोप और अमेरिका के बीच का समुद्री मार्ग है। यह मार्ग ऐतिहासिक रूप से व्यापार, उपनिवेशवाद और आप्रवासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। टाइटैनिक जैसे बड़े जहाज भी इसी मार्ग पर डूबे हैं। 1912 में डूबा टाइटैनिक अटलांटिक महासागर की सबसे प्रसिद्ध और दुखद घटनाओं में से एक है। जिसके बारे में पूरी दुनिया जानती है।
जापान का डेविल सी (Devil’s Sea या ड्रैगन ट्राएंगल) :
जापान का डेविल सी क्षेत्र भी बरमूडा ट्राएंगल की तरह रहस्यमय माना जाता है। जापानी सरकार ने 1950 के दशक में इसे “खतरनाक क्षेत्र” घोषित किया था, जब कई सैन्य और अनुसंधान जहाज गायब हो गए। इसे “मौसम की विचित्रताओं” और टेक्टोनिक प्लेट्स की सक्रियता से जोड़ा जाता है। ऐसे ही यह भी एक खतरनाक क्षेत्र है।
सीमित हैं इंसानों की सीमायें :
जहाजों के डूबने की घटनाओं को सिर्फ तकनीकी या प्राकृतिक घटनाओं के तौर पर नहीं देखा जा सकता है। ये घटनाएं मानव की सीमाओं को दर्शाती हैं। आज भी समुद्री यात्रा में आधुनिक तकनीक होने के बावजूद ये स्थान जहाजों के लिए चुनौती बने हुए हैं। विशेष रूप से बरमूडा ट्राएंगल, ग्रेट लेक्स, और नॉर्थ सी जैसे स्थान। इन स्थानों को जहाज डूबने की घटनाओं के लिए सबसे अधिक कुख्यात माना जाता है। ऐसे कई रहस्य है जो आज तक सुलझ नहीं पाए है, समुद्री यात्रा में बड़ी – बड़ी लहरों के बड़े जोखिम हमेशा बने रहते है।



