महेश्वर, खरगोन (म.प्र.) : कुम्भ मेले से चर्चा में आई मोनालिसा और फरमान खान की शादी इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों ने केरल में जाकर शादी कर ली है और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे अपनी मर्जी का फैसला बताया है। वहीँ फरमान खान का दावा है कि उन्होंने हिंदू रीति-रिवाजों से शादी की है और इसमें कोई लव जिहाद का कोई एंगल नहीं है नहीं है।
हालांकि, इस कहानी का दूसरा पहलू बेहद दर्दनाक है। मोनालिसा के पिता का आरोप है कि उन्हें केरल के तिरुवनंतपुरम में एक संगठित तरीके से उनकी बेटी से अलग किया गया। उन्होंने बताया है कि जिस दिन उन्हें वापस लौटना था, उसी सुबह उन्हें जबरन होटल से भगा दिया गया था और उनकी बेटी से मिलने तक नहीं दिया गया। इसको लेकर पिता का कहना है कि उनकी बेटी बहुत भोली है और उसे बहला-फुसलाकर या कुछ खिला-पिलाकर यह कदम उठवाया गया है। वह ऐसा कदम आसानी से नही उठाती।
दूसरी ओर, मोनालिसा को फिल्मों में ब्रेक देने वाले निर्देशक सनोज मिश्रा ने इसे लव जिहाद करार देते हुए सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखी है। इसको लेकर पिता का कहना है कि वे आदिवासी समाज से आते हैं और इस घटना के बाद समाज में उन्हें काफी अपमानित होना पड़ रहा है, परिवार को हर जगह दिक्कतें आ रही है।
भले ही वायरल गर्ल मोनालिसा ने अपनी मर्जी से शादी कर ली है, लेकिन उसके पारदी समाज में मां-बाप की पसंद से ही शादी करने की परंपरा है। लड़की ही पारदी समाज में मुख्य रूप से परिवार को पालती पोसती है, इसलिए समाज में वर पक्ष द्वारा कन्या मूल्य देने की परंपरा है।
मोनालिसा के महेश्वर निवासी चाचा विजय भोसले ने बताया है कि पारदी समाज भारत का एक पारंपरिक घुमंतू, अर्ध घुमंतु समुदाय माना जाता है। जो गुजरात राजस्थान महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बसा हुआ है। उन्होंने बताया कि हमारे विवाह रीति रिवाज मुख्य धारा के हिंदू समाज से मिलते-जुलते हैं लेकिन कुछ परंपराएं अलग हैं। वहीँ इस मामले को लेकर पारदी समुदाय की सिमरन ने कहा है कि पारदी समुदाय अन्य समुदाय में शादी नहीं करता और उन्होंने मुसलमान में शादी तो कभी सुनी ही नहीं। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म के अन्य समुदाय में भी शादी नहीं होती लेकिन वर वधु की इच्छा के मुताबिक इजाजत दे दी जाती है।



