डोंगरगढ़ : काफी विरोध और जद्दोजहद के बीच मंदिर समिति का चुनाव हुआ। डोंगरगढ़ मंदिर ट्रस्ट चुनाव रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक हुए मतदान में कुल तीनों श्रेणियों के 2760 मतदाता ने अपना मत का उपयोग किया। मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति के चुनाव में मां बम्लेश्वरी सेवा दल पैनल ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। निवर्तमान अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के नेतृत्व में चुनाव मैदान में उतरे सेवा दल पैनल ने तीनों श्रेणियों में लगभग क्लीन स्वीप करते हुए 15 में से 13 सीटें अपने नाम कर ली हैं। तो वहीं भैयाजी पैनल केवल दो सीटों पर सिमट गया है, जिससे सेवा दल की ट्रस्ट पर पकड़ और भी मजबूत हो गई है। रविवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण मतदान हुआ। सोमवार सुबह से मतगणना शुरू होते ही सेवा दल पैनल के प्रत्याशियों ने बढ़त बना ली, जो अंत तक कायम रही। भारी मतों से मिली इस जीत ने साफ कर दिया है कि मतदाताओं ने निष्क्रिय ट्रस्टियों को बाहर का रास्ता दिखाते हुए विकास को प्राथमिकता दी है।
वहीँ संरक्षक श्रेणी में सात सीटों में से पांच पर सेवा दल पैनल ने जीत दर्ज की है, तो वहीं आजीवन श्रेणी में सभी पांच सीटों पर सेवा दल प्रत्याशी विजयी रहे है। इसके अलावा साधारण श्रेणी की तीनों सीटों पर भी सेवा दल ने कब्जा कर लिया है। इस प्रकार तीनों श्रेणियों में निर्णायक बढ़त के साथ सेवा दल ने मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट समिति पर दोबारा कब्जा जमा लिया है। साथ ही आजीवन श्रेणी में सेवा दल के प्रत्याशियों ने एकतरफा जीत दर्ज करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को बड़े अंतर से पराजित किया है। साधारण श्रेणी में बबलू शांडिल्य ने सबसे अधिक मत प्राप्त कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, वहीं गौतम चंद चोपड़ा और संजीव गोमस्ता ने भी मजबूत बढ़त से जीत हासिल की है। इस तरह चुनाव पूर्ण शान्ति से संपन्न हो गया है।
ट्रस्ट चुनाव के इस परिणाम के बाद अब अध्यक्ष पद पर पुनः मनोज अग्रवाल के चुने जाने की संभावना प्रबल हो गई है। उनका चयन नवनिर्वाचित ट्रस्टियों द्वारा किया जाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में आने वाले तीन वर्षों में ट्रस्ट में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार, विकास कार्यों में तेजी और ट्रस्ट संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति का यह चुनाव डोंगरगढ़ और अंचल के लिए केवल धार्मिक महत्व का नहीं बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस चुनाव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता अब विकास और सक्रिय नेतृत्व चाहती है। सेवा दल पैनल की यह निर्णायक जीत मंदिर ट्रस्ट के संचालन और व्यवस्थाओं को नई दिशा देने का काम करेगी। मां बम्लेश्वरी मंदिर राजनांदगांव जिले के अंतर्गत आता है, जो कि विश्वप्रसिद्द है।
रविवार को संपन्न हुए इस चुनाव में पुलिस ने सुबह से ही सर्व आदिवासी समाज के द्वारा चुनाव के बहिष्कार व विरोध प्रदर्शन को देखते हुए शहर के सभी मुय मार्ग में बड़ी तादाद पर पुलिस बल तैनात कर दिए थे। हर आने जाने वाले पर पुलिस की पैनी नजर थी। एसपी मोहित गर्ग खुद सर्व आदिवासी समाज के आंदोलन स्थल पर पैनी नजर बनाए हुए थे।



