तीन हिंदू परिवारों को वक्फ का नोटिस, ‘घर खाली करो, ये मजार की जमीन है’, नोटिस के बाद मामले में खड़ा हुआ बवाल।

रायपुर : वक्फ बोर्ड लगातार अब अपनी जमीनों के कब्जों की निगरानी कर रहा है, सभी की जानकारी इकट्ठी कर कार्यवाही की जा रही है। इसमें अब हिन्दू परिवार भी जद में आ गये है, सामने आया मामला है राजधानी रायपुर में वक्फ बोर्ड की तरफ से अब तीन हिंदू परिवारों को नोटिस भेजे गए हैं जिसके बाद बवाल मचा हुआ है। राजधानी रायपुर की पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में वक्फ बोर्ड ने मजार की जमीन बताते हुए 3 हिंदू परिवारों को नोटिस भेजा है। इस नोटिस में हिंदू परिवारों से जवाब मांगा गया है। इस नोटिस में जिक्र है कि परिवार जिस जमीन पर घर बनाकर रह रहे हैं वह पूरी जमीन वक्फ की है। परिवारों ने जमीन पर कब्जा किया है जिसका जवाब मांगा गया है।डाक से जब उन परिवारों को वक्फ का नोटिस मिला उनके पैरों तले जमीन खिसक गई है। वो लोग इस नोटिस को लेकर खासे परेशान है।

इस नोटिस में खसरा 1888 के तहत 0.101 हेक्टेयर की जमीन की जानकारी दी गई है और कहा गया है कि ये हिंदू परिवार इसी जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए हैं। इस नोटिस पर लिखा है कि मजार ए शरीफ खाकी शाह साहब की दरगाह जो कि ग्राम तहसील रायपुर जिले में स्थित है, का भूमि खसरा नंबर 88 रकबा 0.101 हेक्टेयर मध्य प्रदेश राज पत्र पंजीकृत वक्फ की जमीन है। इस नोटिस में स्पष्ट लिखा है कि यह जमीन वक्फ के नाम पर रजिस्टर है।

वहीँ इस मामले में दरगाह के मुतवल्ली जो वक्फ की ओर से जो नोटिस हिंदू परिवारों को भेजा है उसमें लिखा है कि उन्होंने वक्फ की जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ है। इसके साथ ही इस अवैध कब्जे के मामले में उनसे जवाब मांगा गया है. अगर परिवारों ने उचित जवाब प्रस्तुत नहीं किया तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।

तीनों परिवारों को हो रही परेशानी :

इस नोटिस को पढ़ने के बाद से परिवारों के होश फाख्ता हो गए है। जिन लोगों के घर ये नोटिस भेजा गया है उनमें डॉक्टर एस एन जौहरी, अरविंद अग्रवाल, राजेश के नाम शामिल हैं। राजेश ने बताया कि उनकी जमीन उन्होंने 2007 में खरीदी थी। जिसके बाद से अपने परिवार के साथ ही वे वहां रह रहे हैं। साथ ही जो खसरा नंबर नोटिस में दर्ज है वह भी उनकी जमीन के खसरा नंबर से अलग है। उन्होंने अपने वकील के साथ वक्फ के नोटिस का जवाब दिया है, साथ ही उन्होंने वक्फ की जमीन के खसरा नंबर की जानकारी भी मांगी है। ताकि वे आगे की कानूनी कार्यवाही भी कर सकें। ऐसे में अब इन परिवारों के लिये मुश्किल हालात खड़े हो गये है।

किराये की भी मांग :

इसके साथ ही वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने कहा है जो नोटिस जारी किया गया है वह नियम के तहत है। यदि नोटिस के जवाब में दिए गए जवाब ओर प्रस्तुत किए गए कागज सही पाए जाते हैं तो उन्हें 1 महीने से 3 महीने तक का समय भी दिया जाएगा। इसके साथ ही उस जमीन पर तय किराया देकर भी वे लोग रह सकते हैं।

यहाँ बोर्ड का दावा है कि ये परिवार दशकों से वक्फ की जमीन पर रह रहे हैं। वक्क बोर्ड की नोटिस में कहा गया है कि परिवार दो दिन के भीतर कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर जवाब दें, अन्यथा उनके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। वहीँ दीपावली से एक दिन पहले थमाये गये एक नोटिस से लोगों में गहरी नाराजगी है। प्रभावित परिवारों ने बताया है कि वे पिछले 60 से 70 सालों से यहां रह रहे हैं, और उनके पास 1948 व 1965 के रजिस्ट्री दस्तावेज मौजूद हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वक्फ बोर्ड ने कभी भी जमीन पर कब्जा होने दावा नहीं किया, लेकिन अब अचानक दिवाली के दौरान नोटिस देकर लोगों को भयभीत किया जा रहा है। लोगों ने इस मामले में जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। वहीं वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने इसे सामान्य प्रक्रिया बताते हुए कहा कि तीन घर वालों को नोटिस दिया गया है। ऐसे में जो भी वक्फ की जमीन पर लम्बे समय से मुफ्त में काबिज है, उसे खुद ही इस प्रक्रिया को मानना चाहिये और सहयोग करना चाहिये।