बिलासपुर : वर्दी की आड़ में गुंडागर्दी करते हुये आरक्षक पर सिक्ख समाज ने आक्रोश जताया है, मामले के अनुसार बिलासपुर में गुरु नानक ढाबा संचालक के साथ पुलिस की बदसलूकी का मामला सामने आया है। यहाँ थाना प्रभारी पर मारपीट करने का आरोप लगा है। आरोप है कि टीआई ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए उसकी दाढ़ी खींच दी और उसके साथ अपमानजनक व्यवहार किया।
पुलिस ढाबा संचालक की बिना नंबर वाली गाड़ी को पकड़कर थाने ले गई थी। गाड़ी के बारे में जानकारी लेने जब वह चक्करभाठा थाने पहुंचा। तो वहां बिना किसी अपराध के उसके साथ गाली-गलौज की गई और उसके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। रीडर कक्ष में उसे अपराधियों जैसा व्यवहार झेलना पड़ा। इस घटना से आहत ढाबा संचालक ने सिक्ख समाज के लोगों के साथ एसएसपी रजनेश सिंह से शिकायत की है। एसएसपी ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिया है। यह पूरा मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र का है।
सामने आया ये पूरा मामला :
दरअसल, बोदरी निवासी कुशल माखीजा रायपुर रोड स्थित गुरु नानक ढाबा के संचालक हैं। उन्होंने बताया है कि सोमवार की शाम करीब 7 बजे वह किसी काम से शहर आये हुये थे। इसी दौरान चक्करभाटा थाना पुलिस उनके ढाबे पर पहुंची थी। वहां ढाबे में खड़ी एक बिना नंबर की बाइक को देखकर पुलिसकर्मियों ने पूछताछ की और बाइक को जबरन जब्त कर थाना ले गये।
जानकारी लेने पहुंचा, तो टीआई ने कर दी पिटाई :
इस मामले में जब रात करीब 8:30 बजे कुशल अपने ढाबे पर पहुंचा, जहां उसे पता चला कि उसकी बाइक को पुलिस थाने ले जाया गया है। तो इस पर वह सीधे थाने पहुंच गया। वहां उसने टीआई उमेश साहू से ढाबे से बाइक ले जाने के बारे में जानकारी मांगी। इस पर थाना प्रभारी उमेश साहू ने सीधा जवाब देने के बजाय युवक पर भड़क गए और उसके साथ गाली-गलौज करने लगे। कुशल लगातार पूछता रहा कि उसने ऐसी क्या गलती की है, जिसके कारण उसके साथ इस तरह का दुर्व्यवहार किया जा रहा है। इतने में ही थाना प्रभारी ने उसकी दाढ़ी खींचते हुए उसकी पिटाई शुरू कर दी।
आरोप है कि पुलिस ने उसका मोबाईल भी छीन लिया और उसे रीडर कक्ष में ले जाकर बैठा दिया। इसके बाद टीआई ने स्टाफ से कहा कि उसे सुबह न्यायालय में पेश किया जाये और उसे रातभर थाने में ही बैठाये रखा जाये। इस तरह युवक के साथ थाने में बदसलूकी की गई।
4 घंटे थाने में बैठाए रखा :
इसके साथ यह भी आरोप है कि टीआई ने कुशल के खिलाफ झूठा केस बनाकर जेल भेजने की धमकी भी दी। करीब चार घंटे तक उसे थाने में अपराधियों की तरह बैठाये रखा। आखिरकार रात 11.30 ढाबा संचालक को छोड़ दिया गया। फिर इस अपमानजनक मामले की जानकारी सिक्ख समाज के लोगों को हुई तो, मंगलवार को ढाबा संचालक कुशल माखीजा ने सिक्ख समाज के पदाधिकारियों के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंचा, जहां उसने एसएसपी रजनेश सिंह को पूरे मामले की जानकारी दी।
साथ ही टीआई उमेश साहू के खिलाफ शिकायत करते हुए दुर्व्यवहार और मारपीट करने के आरोप लगाये। इस दौरान समाज के मनजीत अरोरा, नितिन छाबड़ा, सोनू गांधी सहित अन्य लोग मौजूद रहे, उन्होंने सिक्ख युवक के साथ इस तरह आपत्तिजनक हरकत पर नाराजगी जताई और कहा कि इससे सिक्ख समाज की भावनायें आहत हुई है।
बिल्हा में भी TI पर उगाही का था आरोप :
इससे पहले भी टीआई उमेश साहू और पुलिसकर्मियों पर अवैध उगाही करने का आरोप लगा था। स्थानीय निवासी ने जुआ एक्ट के झूठे केस में फंसाने और पैसे वसूली करने का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता ने बतौर सबूत ऑनलाईन पैसे देने का स्क्रीन शॉट भी पुलिस अफसरों को दिखाया था। इस मामले में हवलदार के खिलाफ भी कार्यवाही की गई। लेकिन, टीआई को क्लिन चिट दे दी गई थी, थाना प्रभारी उमेश साहू का रिकार्ड खराब है, फिर भी उस पर विभागीय कार्यवाही ना होना प्रशासनिक सांठगाँठ की तरफ इशारा करता है।
जांजगीर-चांपा में भी विवादित रहा थानेदार :
टीआई उमेश साहू इससे पहले जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला थाना में पदस्थ थे। उस दौरान भी उनका पुलिसकर्मी से विवाद हो गया था, जिसके बाद आक्रोशित एक आरक्षक ने उनके साथ मारपीट भी कर दी थी।
SSP ने CSP को जांच के दिए निर्देश :
एसएसपी रजनेश सिंह ने सिक्ख समाज की शिकायत पर गंभीरता से जांच कराने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने सिविल लाइन सीएसपी निमितेश को मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है। एसएसपी ने कहा कि थाने में सीसीटीवी कैमरा लगा है, जिसकी जांच में स्थिति स्पष्ट हो जायेगी।



