खिलौने वाली ‘कार्बाइड गन’ से बच्चों की आँखे हुई ख़राब, भोपाल, विदिशा और ग्वालियर में लगाया गया प्रतिबन्ध।

भोपाल (म.प्र.) : लगभग बीस-पच्चीस साल पहले वेल्डिंग करने वाले कार्बेट का प्रयोग बच्चे बम फोड़ने में करते थे, उस समय इसके खतरनाक होने को लेकर प्रतिबन्ध लगा दिया गया था, वहीँ अब इस ऑनलाईन ज़माने में लोगों ने फिर से इसे नये तरीके से वायरल कर दिया है, इसके नाम पर घरेलु मेड बंदूकें बनाकर बेचीं जा रही है, जो सुरक्षित नहीं है। ऐसे में कार्बाइड पाइप गन के चलते बच्चों की आंख खराब होने की खबर के बाद मध्य प्रदेश में सख्ती बरती जा रही है। भोपाल, विदिशा और ग्वालियर में कैल्शियम कार्बाइड गन पर बैन लगा दिया है। गैस फाइटर पाइप गन और अन्य खतरनाक उपकरणों के निर्माण, क्रय विक्रय प्रदर्शन प्रयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया गया था। इस संबंध में भोपाल में गिरफ्तारी भी हुई है। 

पुलिस ने आनंद नगर पिपलानी में आरोपी मोहम्मद ताहा द्वारा कार्बाइड पाइप गन विक्रय और सामग्री रखने के चलते अपराध क्रमांक 890/25 धारा 4, 5, 9(ख) विस्फोटक अधिनियम 1884 एवं 288 BNS के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है। आरोपी मोहम्मद ताहा, उम्र 27 वर्ष निवासी एहसान नगर, भोपाल को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 10 किलो कार्बाइड और 4 पाइप गन बरामद किया गया है। यह सब विस्फोटक कानून के अधीन की कार्यवाही की गई है।

क्या है कार्बाइड पाइप गन :

अधिकारियों ने कहा है कि जो कोई भी इस आदेश का उल्लंघन करता पाया जायेगा, उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। PVC पाइप से बने और आमतौर पर त्यौहारों के मौसम में बच्चों के खिलौने के तौर पर बेचे जाने वाले ये डिवाइस, अपने विस्फोटक केमिकल रिएक्शन के कारण बहुत असुरक्षित माने गए हैं। यह प्रतिबन्ध इन काम चलाऊ खिलौना गन से जुड़े हॉस्पिटल के मामलों में बढ़ोत्तरी के बाद लगाया गया है, जो पटाखों की आवाज़ की नकल करने के लिए कैल्शियम कार्बाइड और पानी का इस्तेमाल करके छोटे धमाके करती हैं। इस वर्ष यह सोशल मीडिया में काफी वायरल हुई है, जिससे गली – गली यह बिकने लगी है।

डिप्टी सीएम बोले – सरकार रख रही है नजर :

वहीं इस मामले में डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि हम उन बच्चों की हालत पर नज़र रख रहे हैं जिन्हें आँखों में चोट लगी है। जो लोग हॉस्पिटल में भर्ती हैं, उन पर नज़र रखी जा रही है ताकि यह पक्का हो सके कि उनकी आंखों को कोई नुकसान न पहुंचा हो। पटाखे फोड़ने के लिए ऐसे पाइप बैरल के इस्तेमाल के बारे में पहले ही एक एडवाइज़री जारी की जा चुकी है। मामले की जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। मुख्यमंत्री ने लोगों से यह भी अपील की है कि वे ऐसे गैर-कानूनी तरीके से बने बैरल का इस्तेमाल न करें और पटाखे न फोड़ें। यह हानिकारक है।