रायपुर : दो दिन पहले धर्मनगर में तथाकथित गौशाला पर कार्यवाही के दौरान भगवान हनुमान की प्रतिमा खंडित हो गई थी।वहीँ अब रायपुर के धरमनगर क्षेत्र में हनुमान जी की प्रतिमा खंडित किए जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए कारोबारी अरिहंत पारख सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी, जिसके बाद पुलिस ने गंभीरता से जांच करते हुए आरोपियों को चिन्हित किया है। प्रकरण की एफआईआर पहले अज्ञात आरोपियों के खिलाफ टिकरापारा थाना में दर्ज की गई थी। वहीँ इस मामले में आरोपियों ने कहा है कि यह घटना गलती से हुई है, ऐसा कोई इरादा नहीं था।
वहीँ पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में अरिहंत पारख, मोहित कुमार लखेर, गणेश कुर्रे, भूपेश केवट और जेसीबी ऑपरेटर मेहराब खान शामिल हैं। जांच में सामने आया कि घटना के दौरान आरोपी मोहित कुमार लखेर ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर मौके पर पहुंचने की कोशिश की, ताकि लोगों को गुमराह किया जा सके और कार्यवाही को प्रभावित किया जा सके। यह तथ्य सामने आने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ नकली पुलिसकर्मी बनकर भ्रम फैलाने के आरोप भी जोड़े हैं। इस घटना में यह चौंकाने वाली बात भी सामने आई है।
इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धरमनगर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा को खंडित किए जाने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था। संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई, जिसने सीसीटीवी फुटेज, मोबाईल कॉल डिटेल्स और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि इस घटना में जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया था, जिसे आरोपी मेहराब खान चला रहा था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त जेसीबी को जब्त कर लिया है। साथ ही, आरोपियों की भूमिका और घटना के पीछे की मंशा को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस घटना के पीछे कोई और साजिश या अन्य लोग तो शामिल नहीं थे। वहीँ क्षेत्रिय लोगों में कुछ ने इसे लापरवाहीपूर्वक बताया तो कुछ ने इसे जानबूझकर की गई घटना। अब इस मामले में पुलिस ने तह तक जाने की बात कही है।



