सारंगढ़–बिलाईगढ़ : कभी भी वाहन धीमी गति से चलायें, एक छोटी सी चूक बड़ा हादसा कर सकती है, दुपहिया वाहन सड़क के अनुसार 40 से 70 तक अधिकतम रफ़्तार में चलाना चाहिये और चार पहिया अधिकतम 50 से 80 की रफ़्तार तक। वहीँ अब सामने आया मामला है। जहाँ कानून की रखवाली करने वालों की लापरवाही और कथित नशे की हालत ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट चौक बिलासपुर रोड पर भारी आक्रोश पैदा कर दिया है, आम आदमी पर क़ानूनी कार्यवाही आसानी से हो जाती है,लेकिन रसूखदार पर कार्यवाही आसानी से नहीं हो पाती है। दरअसल एक पुलिस अधिकारी ने अपनी कार से स्कूटी सवार को जोरदार ठोकर मारी, जिससे स्कूटी सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी किया गया जो अब भी जारी है। वहीं इस घटना से आक्रोशित लोगों ने पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद कार चालक ने नियंत्रण खो दिया और दो बैरिकेट्स को तोड़ते हुए डिवाइडर में जा घुसा। चौंकाने वाली बात यह रही कि स्कूटी और कार दोनों वाहनों पर पुलिस लिखा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार चला रहा पुलिस अधिकारी नशे की हालत में था। हादसे के बाद स्थिति तब संदिग्ध हो गई, जब वाहन चला रहे पुलिस अधिकारी को मौके से पुलिस वाहन में बैठाकर अन्य पुलिसकर्मी अपने साथ ले गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा मामले को रफा-दफा करने के प्रयास से आक्रोश और भड़क उठा। लोगों ने काफी नाराजगी जताई।
इस घटना से नाराज स्थानीय नागरिकों ने पुलिस को घेरकर जमकर विरोध किया। लोगों ने दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ तत्काल एफआईआर, मेडिकल जांच, वाहन जब्ती और निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना ने पुलिस की जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पूरे मामले में कोई भी जवाबदार अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे। वहीँ लोगों ने इस मामले में बड़ा बवाल खड़ा कर दिया, उन्होंने पुलिस अधिकारी पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।



