रायपुर सेंट्रल जेल में गैंगवार का मामला आया सामने, पं. यश शर्मा हत्याकांड के मुख्य गवाह कुशाल तोलानी पर जानलेवा हमला।

रायपुर : 13 अक्टूबर 2024 रात के 2 बजे के लगभग के लगभग चार बदमाश यश खेमानी, तुषार पंजवानी, तुषार पाहुजा, चिराग पंजवानी ने सिन्धी पंडित यश शर्मा को को फ़ोन कर बुलाया और कहा कि चलो पार्टी करते है और उसे अपनी कार में बिठाकर ले गये थे, कार को यश खेमानी चला रहा था उसके बाद वो लोग रिंग रोड की तरफ निकले और एक कैफ़े के पास जाकर उन्होंने कार रोकी उसके बाद उन्होंने यश से पूछा तुषार तोलानी जो कि तेरा दोस्त है वो कहाँ है? जिसको लेकर यश ने अनभिज्ञता जाहिर की थी, जिसके बाद उन्होंने यश के पेट पर मोटा डंडा मारा और लात-घूसों से जमकर पिटाई की, उसे कुछ दिनों तक बंधक बनाकर रखा और काफी प्रताड़ित किया, जिससे ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मामले के सभी आरोपी अब आजीवन कारावास काट रहे है।

वहीँ अब उसी मामले में नई खबर सामने आई है, राजधानी की केंद्रीय जेल में गैंगवार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जेल के भीतर मारपीट, ब्लेडबाजी और जानलेवा हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला बहुचर्चित यश शर्मा हत्याकांड से जुड़ा हुआ’ है, जिसमें इस केस के मुख्य गवाह कुशाल तोलानी पर जेल के अंदर चाकू से हमला किया गया है। जानकारी के अनुसार, कुशाल तोलानी को प्रतिबंधित धाराओं के एक मामले में सिर्फ एक दिन के लिए केंद्रीय जेल भेजा गया था, इसी दौरान उस पर जानलेवा हमला किया गया है, हमला किसने किया यह जानकारी सामने नहीं आ पाई है, जबकि यश शर्मा काण्ड से जुड़े आरोपियों पर ही संदेह जताया जा रहा है। इसके साथ ही आरोप है कि यश शर्मा हत्याकांड के आरोपियों ने साजिश के तहत जेल के भीतर हमला करवाया है, ताकि गवाह को डराया-धमकाया जा सके।

बताया जा रहा है कि हमला करने वाला कैदी एनडीपीएस एक्ट में सजायाफ्ता है। उसने कुशाल तोलानी पर चाकू से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष की ओर से इस पूरे मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर और एसएसपी से की गई है। शिकायत में जेल के भीतर अपराधियों को मिल रही कथित सुविधाओं, गैंगवार और गवाहों की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया जा रहा गंभीर मामलों के आरोपी जेल में गैंग चला रहे है और उन्हें पूरी सुविधायें भी मिल रही है।

जेल के भीतर भी अपराधियों के हौसले बुलंद :

लगातार हो रही इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि केंद्रीय जेल में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और गैंगवार अब जेल की दीवारों के भीतर भी खुलेआम खेला जा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर जेल के भीतर गवाह और कैदी कितने सुरक्षित हैं। वहीँ ये सब बदमाश जब भी बाहर आयेंगे तो कितना उत्पात मचायेंगे, जिससे आम आदमी के लिये बड़ी मुश्किल खड़ी हो जायेगी। पहले ही राजधानी में बदमाशों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है, जो चिंता का विषय है।